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PMO के हीरेन जोशी, बीजेपी आईटी सेल की नाकामी छ‍िपाने के ल‍िए ट्व‍िटर पर श‍िकंजा कस रही मोदी सरकार- बोले सुब्रमण्‍यम स्‍वामी

भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने कुछ आदेशों का पालन नहीं किए जाने पर ट्विटर पर आपराधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी है।

Subramanyam Swami, Twitter, PMO
सुब्रमण्यम स्वामी Photo Credit- File

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को हर कदम पर घेरने वाले बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लगातार सरकार के हस्तक्षेप के प्रयास में एक बार फिर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, मोदी सरकार पहले से मौजूद प्रतिबंधों से आगे ट्विटर पर अंकुश लगाने के लिए क्यों आगे बढ़ रही है? स्वामी ने कहा, यह पीएमओ और बीजेपी आईटी सेल के हिरेन जोशी की भारी विफलता को छिपाने के लिए है। आपको बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी को सरकार की नीतियों को लेकर बहुत मुखर माना जाता है वो किसी भी मामले में सवाल करने से नहीं चूकते हैं।

इसके पहले मंगलवार को ट्विटर ने कंटेंट को लेकर भारत सरकार के कुछ आदेशों को वापस लेने की मांग की थी। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया था कि कंपनी के अधिकारियों की ओर से इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया गया है। इस बात को लेकर इसे कानूनी चुनौती दी गई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिका की सोशल मीडिया कंपनी के मामले की न्‍यायिक समीक्षा की ये कोशिश है कि वो नई दिल्‍ली के साथ कंटेंट रेग्युलेशन को लेकर जारी टकराव का एक भाग है। आपको बता दें कि भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने कुछ आदेशों का पालन नहीं किए जाने पर ट्विटर पर आपराधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी है।

ट्विटर सरकार के कुछ आदेशों को नहीं मान रहा
ट्विटर विवाद मामले में भारत सरकार पहले भी कह चुकी है कि ट्विटर सहित बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों ने कंटेंट हटाने के अनुरोध पर कार्रवाई नहीं की है। केंद्रीय आईटी मिनिस्ट्री ने पिछले महीने ट्विटर को सख्ती से सावधान करते हुए कहा कि अगर ट्विटर सरकार के कुछ आदेशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से इस बात का खुलासा किया है कि ट्विटर ने अपने ऊपर कार्रवाई होने के डर से इस सप्ताह सरकार के आदेशों का पूरी तरह से पालन किया है।

ट्विटर ने मामले को लेकर मांगी न्यायिक समीक्षा
ट्विटर ने इस मामले पर न्यायिक समीक्षा की मांग करते हुए कहा है कुछ रिमूवल ऑर्डर भारतीय आईटी एक्ट के प्रावधान पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। जबकि ट्विटर ने इसका खुलकर जिक्र नहीं किया है कि वो कौन से रिमूवल ऑर्डर की न्यायिक समीक्षा चाहता है? आपको बता दें कि आईटी ऐक्ट के तहत सरकार को देश की सुरक्षा सहित या किसी अन्य वजहों से भी सोशल मीडिया के कुछ कंटेंट जनता की पहुंच से खत्म करने का अधिकार है।

स्वामी ने अप्रैल 2021 में उठाए थे बीजेपी आईटी सेल पर सवाल
अब ट्विटर के मामले को लेकर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है। ऐसा नहीं है कि ये पहला मौका है जब स्वामी ने ट्विटर और बीजेपी की आईटी सेल को लेकर सवाल खड़ा किया हो इसके पहले भी स्वामी ने साल 2021 अप्रैल में इस बात को लेकर पीएम मोदी से शिकायत की थी कि बीजेपी की आईटी सेल की फेक आइडी से उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी को इस बात की जानकारी दी थी कि उन्हें लगातार ट्विटर पर अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है।

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