ताज़ा खबर
 

कश्‍मीर में उपद्रवियों से सख्‍ती से निपटेगी मोदी सरकार, कहा- सारे तरीके फेल हुए तब चलाएंगे पेलेट गन

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

Author March 28, 2017 8:28 PM
कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन करते कुछ लोग। (AP Photo/Dar Yasin)

केंद्र सरकार ने आज कहा कि कश्मीर घाटी में दंगाइयों को तितर बितर करने के लिए यदि सुरक्षा बलों के वैकल्पिक उपाय विफल हो जाते हैं तो वे पैलेट गन का इस्तेमाल ‘‘कर सकते हैं।’’ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने 26 जुलाई 2016 को एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस समिति को जिम्मेदारी सौंपी गयी थी कि वह गैर घातक हथियारों के रूप में पैलेट गन के अन्य संभावित विकल्पों की तलाश करे। उन्होंने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और उचित क्रियान्वयन के लिए सरकार ने उसकी सिफारिशों का संज्ञान लिया है।

अहीर ने बताया, ‘‘ उसी के अनुसार, सरकार ने फैसला किया है कि सुरक्षा बल दंगाइयों को खदेड़ने के लिए विभिन्न उपायों का इस्तेमाल करेंगे जिनमें गोले और ग्रेनेड शामिल हैं। इसमें आंसू गैस के गोले भी शामिल हैं। मंत्री ने साथ ही कहा, ‘‘ हालांकि यदि दंगाइयों को खदेड़ने में ये उपाय नाकाफी साबित होते हैं तो पैलेट गन का इस्तेमाल किया जा सकता है।’’वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि कश्मीर घाटी में पैलेट गनों से दागी गयी गोलियों से सैंकड़ों लोग अपनी आंखों की रौशनी खो बैठे थे तो क्या सरकार सुरक्षा बलों द्वारा गैर घातक हथियारों के इस्तेमाल की समीक्षा की कोई योजना बना रही है।

वहीं जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मुख्यधारा में वापसी करना चाह रहे स्थानीय उग्रवादियों से आज कहा कि वे अपने हथियार छोड़ दें, क्योंकि हिंसा के जरिए कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। दक्षिण कश्मीर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा, ‘‘आज चदूरा में एक मुठभेड़ चल रही है…..हमने उन्हें बताने की कोशिश की है कि हथियार छोड़कर (मुख्यधारा में) वापस आ जाएं । हिंसा से कुछ नहीं मिलेगा ।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई सालों से जारी हिंसा के कारण जम्मू-कश्मीर में सिर्फ मौतें और बर्बादी हुई हैं । उन्होंने कहा, ‘‘कब्रिस्तान और श्मशान भरते जा रहे हैं । हिंसा से सिर्फ मौतें हुई हैं, चाहे ये मौतें उग्रवादियों की हों, पुलिसकर्मियों की हों या सैनिकों की हों । हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है । सिर्फ शांति और वार्ता से समाधान हो सकता है ।’मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही निर्देश दे चुकी हैं कि वे मुठभेड़ के दौरान भी स्थानीय उग्रवादियों का आत्मसमर्पण कराने की कोशिश करें ।

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App