कोरोना टीके पर सरकार का यू-टर्न! मई में केंद्र ने कहा था- 216 करोड़ डोज होंगे, अब बताया- अगस्त से दिसंबर तक रहेंगी 135 करोड़ वैक्सीन

केंद्र ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि अगस्त-दिसंबर के बीच कोविशील्ड के 50 करोड़, कोवैक्सीन के 40 करोड़, बायो ई सब यूनिट वैक्सीन के 30 करोड़, जाइडस कैडिला वैक्सीन के 5 करोड़ और स्पुतनिक-वी के 10 करोड़ टीके मुहैया होंगे।

PM Narendra Modi, Coronavirus Vaccination
मोदी सरकार की ओर से मई में कहा गया था कि अगस्त-दिसंबर के बीच देश में 216 करोड़ वैक्सीन की डोज उपलब्ध होंगी। (फोटो- Reuters)

कोरोनावायरस के बदलते स्वरूपों और अब तक के सबसे घातक डेल्टा वैरिएंट से निपटने में विशेषज्ञों ने वैक्सीन को सबसे अहम हथियार करार दिया है। इस बीच केंद्र की मोदी सरकार भी तेजी से टीकाकरण कार्यक्रम को बढ़ाने में जुटी है। हालांकि, कई कोशिशों के बावजूद भी उसकी टीके जुटाने की कोशिश कमजोर पड़ती दिख रही है। एक दिन पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने लोकसभा में बताया कि अगस्त 2021 से दिसंबर 2021 यानी पांच महीने के अंतराल में देश में 135 करोड़ कोरोना वैक्सीन डोज उपलब्ध होंगी। मंत्री की ओर से दिया गया यह आंकड़ा इसी साल मई में दिए गए सरकार के 216 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध कराने के दावे से काफी कम है।

लोकसभा में टीकाकरण अभियान पर क्या बोलीं स्वास्थ्य राज्यमंत्री?: डॉक्टर भारती ने लोकसभा में पिछले लक्ष्य से कम टीके अधिग्रहित करने पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि घरेलू वैक्सीन विनिर्माताओं के साथ खरीद करार करने में कोई देरी नहीं हुई है। निर्माताओं को उनके साथ दिए गए आपूर्ति आदेशों के लिए अग्रिम भुगतान भी किया गया है। पवार ने कहा कि कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम पर अब तक कुल 9725.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें टीकों की खरीद और टीकाकरण के लिए परिचालन लागत शामिल है।

फाइजर से चल रही वैक्सीन पर बात: उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में बताया कि भारत सरकार का एक विशेषज्ञ समूह फाइजर वैक्सीन देश में लाने को लेकर कंपनी से बातचीत में जुटा है। हालांकि, पिछले वादे को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद मनसुख मंडाविया ने वैक्सीन पर सियासत न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई बार टीकाकरण कार्यक्रम का राजनीतिकरण न करने की बात कह चुके हैं। हमारा उद्देश्य देश के प्रत्येक 18+ नागरिक को टीकाकरण करना है। यह राजनीति करने का समय नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में भी जवाब दे चुकी है सरकार: बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही सुप्रीम कोर्ट में भी बताया था कि वह अगस्त-दिसंबर के बीच 135 करोड़ वैक्सीन ही मुहैया करा पाएगी, जो कि पिछले लक्ष्य से करीब 81 करोड़ डोज कम रह जाएगा। केंद्र ने बताया था कि अगस्त 2021 से दिसंबर 2021 तक कोविड-19 के कुल 135 करोड़ टीके उपलब्ध होंगे। इसमें कोविशील्ड के 50 करोड़, कोवैक्सीन के 40 करोड़, बायो ई सब यूनिट वैक्सीन के 30 करोड़, जाइडस कैडिला वैक्सीन के 5 करोड़ और स्पुतनिक-वी के 10 करोड़ टीके शामिल होंगे।

अब तक देश में लगे 42 करोड़ टीके: भारत में इसी साल की शुरुआत से चालू हुए टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 42 करोड़ 78 लाख लोगों को कोरोना टीका लग चुका है। राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्रोतों से टीकों की 43.87 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध कराई गई हैं तथा 71,40,000 और खुराक उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें से बर्बाद हो चुकी टीके की खुराक समेत कुल 41,12,30,353 खुराकों की खपत हो चुकी है। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 रोधी टीकों की 2.75 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध हैं।

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