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प. बंगाल: ममता बनर्जी के साथ धरना पर दिखने वाले अफसरों के मेडल छीन सकती है मोदी सरकार

मोदी सरकार पश्चिम बंगाल के उन पुलिस अफसरों का मेडल वापस ले सकती है, जो ममता बनर्जी के धरने के दौरान उनके साथ दिखे थे।

3 फरवरी को धरने पर बैठी ममता बनर्जी और वहां मौजूद कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार (Left)। (Photo- PTI)

पश्‍च‍िम बंगाल में ममता बनर्जी के साथ धरना पर बैठने वाले पुल‍िस अफसरों से मेडल छीने जा सकते हैं। बताया जाता है क‍ि केंद्र सरकार ने इस बारे में संज्ञान ल‍िया है। इंड‍ियन एक्‍सप्रेस को म‍िली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्‍चिम बंगाल सरकार को ल‍िखा है क‍ि ऐसे अफसरों के ख‍िलाफ ऑल इंड‍िया सर्व‍िसेज कंडक्‍ट्स रूल्‍स के तहत कार्रवाई की जाए। इन अफसरों के ख‍िलाफ वीरता पदक या उल्‍लेखनीय सेवा के ल‍िए द‍िए मेडल वापस लेने जैसे कदम उठाए जाने पर भी व‍िचार क‍िया जा रहा है।

जिन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, उनमें 1985 बैच के आईपीएस ऑफिसर डीजीपी वीरेंद्र, 1994 बैच के आईपीएस विनित कुमार विट्टल (डायरेक्टर सिक्योरिटी, एडीजी रैंक), 1991 बैच के आईपीएस ऑफिसर और लॉ एंड ऑर्डर एडीजी अनुज शर्मा, 1993 बैच के आईपीएस ज्ञानवंत सिंह (CP BidhanNagar commissionerate) और 1997 बैच के आईपीएस सुप्रीतम सरकार (additional CP, Kolkata police) शामिल हैं।

इन ऑफिसरों के खिलाफ अन्य तरह के कदम भी उठाये जा सकते हैं। केंद्र सरकार इन्हें कुछ समय के लिए केंद्रीय सेवाओं में योगदान देने से रोक भी सकती है। इसके साथ ही केंद्र यह सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों को एक एडवाइजरी जारी करने पर विचार कर रहा है कि वर्दीधारी बलों के अधिकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

मोदी सरकार के इस फैसले से एक बार फिर बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच तनातनी का माहौल बन सकता है क्योंकि इससे पश्चिम बंगाल पुलिस के लगभग सभी बड़े अधिकारी प्रभावित हो रहे हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि ममता बनर्जी के धरना में शामिल होना पुलिस अधिकारियों का काम नहीं था। वहीं, इसके जवाब में अधिकारी यह तर्क दे सकते हैं कि वे वहां राज्य की मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों को सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देशय से वहां अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।

बता दें कि रविवार (3 फरवरी) की शाम को सीबीआई का एक दल कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से सारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए पहुंचा था। सीबीआई अधिकारियों से कोलकाता पुलिस ने धक्का मुक्की की और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के समर्थन में धरने पर बैठ गई थी।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई को कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ बलपूर्वक कोई कार्रवाई करने से रोकने का आदेश दिया और मेघालय की राजधानी शिलांग में पूछताछ की इजाजत दी। कोर्ट के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना धरना समाप्त किया था।

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