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अब बिना कारण बताए कभी भी धमक सकते हैं इनकम टैक्‍स अफसर, वादा तोड़ कर नरेंद्र मोदी सरकार ने 55 साल पहले की तारीख से बदला कानून

अब इनकम टैक्स अधिकारी किसी अफवाह पर भी आपके घर आ सकते हैं।

मोदी सरकार ने इस बार टैक्स के नियमों में ऐसा बदलाव किया है जिसे लोगों ने सोचा भी नहीं होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किए गए यह अहम बदलाव 1 अप्रैल 1962 से लागू होंगे। वित्त विधेयक 2017 में आयकर अधिनियम में ये अहम संशोधन प्रस्तावित किया है। मोदी सरकार ने अपना बादा तोड़कर 55 साल पहले से यह कानून बदल दिया है। अब इनकम टैक्स अधिकारी किसी अफवाह या कहें तो बेबुनियादी खबर पर भी आपके घर आ सकते हैं। इसके लिए उन्हें कुछ भी बताने की जरूरत नहीं होगी। जैसे कि उनको इसकी जानकारी कहां से मिली, छापेमारी का आदेश किसने दिया। यह कालेधन, बेनामी संपत्ति आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ अभियान चला रही सरकार का टैक्स चोरों पर यह सीधा हमला है।

इस अभियान में उनका पर्दाफाश होगा जिनकी गुप्त आय है और वह उस पर कोई टैक्स नहीं देते हैं। यह टैक्स आतंकवाद को खत्म करने के लिए है। बजट में आयकर कानून की धारा 132 के सेक्शन (1) और सेक्शन (1A)में बदलाव किया गया है। इसमें टैक्स अफसरों के अधिकार बढ़ाए गए हैं। इसमें टैक्स अधिकारियों, जांचकर्ताओं की जांच, खोज और जब्ती का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। वह बिना किसी को कुछ भी जानकारी दिए आपके घर आ सकते हैं और आपके बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं अगर उनको आपके द्वारा दी गई जानकारी पर शक होता है तो वह आपके खिलाफ जांच भी कर सकते हैं। इसमें इनकम टैक्स ऑफिसर को छापे मारने की वजह बताने की जरूरत नहीं होगी और ना यह बताना होगा कि यह जांच और सील का अभियान क्यों चलाया गया। यह वोडाफोन जैसे मामलों में सरकार के लिए जरूर फायदेमंद हो सकता है जिसमें वोडाफोन यूपीए 2 के शासनकाल में करीब 11 हजार करोड़ रुपए का टैक्स देने से बच गई थी।

2014 से दिसंबर 2016 तक कितनी हुई छापेमारी 
-1,838 जगह छापे मारे
-2,607 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त की
-33 211 करोड़ रुपए की गुप्त आय
-14,472 सर्वे कराए गए
-31,929 करोड़ रुपए की गुप्त संपत्ति मिली सर्वे में
-1,751 अभियोग चलाए गए
-2,549 मामले दर्ज किए गए
-75 अपराधी पकड़े गए

67.54 लाख लोगों ने वित्त वर्ष 2014-15 में नहीं भरा टैक्स रिटर्न, आयकर विभाग ने की पहचान देखें वीडियो