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इन तीस बदलावों पर था पीएम मोदी का जोर, नौ हुए पूरे, छह पर अब तक काम शुरू नहीं

पिछले साढ़े चार सालों में मोदी सरकार ने 30 सुधारों को करने का वादा किया था। लेकिन सरकार अभी तक उनमें से सिर्फ 9 को ही हासिल कर सकी है। जबकि छह अभी तक शुरू ही नहीं किए जा सके।

Narendra modi, PM Modi, PM Narendra modiप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटोः पीटीआई)

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल के अंतिम चरणों में है। मोदी सरकार साल 2014 मेें विकास और बढ़ोत्तरी के वादों के सहारे प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अक्सर सुधारों, नई तकनीकी और बदलते व्यापारिक परिदृश्य के साथ ढलने की बात करते दिखाई देते हैं।

पिछले साढ़े चार सालों में मोदी सरकार ने 30 सुधारों को करने का वादा किया था। लेकिन सरकार अभी तक उनमें से सिर्फ 9 को ही हासिल कर सकी है। जबकि छह अभी तक शुरू ही नहीं किए जा सके और 15 पर मामूली प्रगति हासिल हुई है। ये दावे सेन्टर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के आंकड़ों से लिए गए हैं।

सीएसआईएस भारत सरकार के अधीन काम करने वाला सुधारों का मासिक ट्रैकर है। इस स्कोरकार्ड में उन तीन बड़े सुधारों का जिक्र किया गया है जिन्हें मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद शुरू किया था। इस स्कोरकार्ड के मुताबिक ताजा अपडेट से पता चलता है कि सरकार अभी तक छह सुधारों पर काम शुरू भी नहीं कर पाई है।

ये है तीस सुधारों की पूरी लिस्ट

वादे जो पूरे हुए :-

1. ज्यादा निर्माण योजनाओं के लिए विदेशी निवेश की अनुमति देना
2. रक्षा क्षेत्र में 50 फीसदी से ज्यादा विदेशी निवेश को मंजूरी देना
3. भारतीय रेलवे में 50 फीसदी से ज्यादा विदेशी निवेश की अनुमति देना
4. टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की निष्पक्ष नीलामी करवाना
5. वस्तु और सेवाओं पर पूरे देश में एक केंद्रीयकृत कानून लागू करना
6. डीजल की कीमतों को नियंत्रण से बाहर करना
7. औद्योगिक लाइसेंस की समाप्ति तिथि को आगे बढ़ाना
8. कोयला खनन के क्षेत्र को निजी/विदेशी निवेश के लिए पूरी तरह से खोलना
9. कंपनियों के लिए दिवालियापन से निपटने के नियमों को आसान बनाया गया
10. सेक्टर में निवेश की लिमिट को हटाया गया

वादे जो पूरे नहीं हो सके:-

1. विदेशी वकीलों को भारत में प्रैक्टिस करने की अनुमति देना
2. खाद की कीमतों को नियंत्रण से मुक्त करना
3. केरोसिन की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करना
4. व्यापारियों को 10 दिन से कम वक्त में परमिट देना
5. कारोबार की शुरूआत करने के लिए क्लियरेंस के लिए एकल खिड़की समाधान
6. भारतीय कंपनियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की सीमा को बढ़ाना
7. कृषि उत्पादों के लिए सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम कीमतों को हटाना।

वायदे जो आंशिक रूप से पूरे हुए :-

1. रिटेल ई—कॉमर्स में 50 फीसदी से ज्यादा विदेशी निवेश की अनुमति देना
2. बीमा क्षेत्र में 50 फीसदी से ज्यादा विदेशी निवेश की अनुमति देना
3. प्राकृतिक गैस की कीमतों को नियंत्रण से बाहर करना
4. सीमा पार निवेश के पहले से चले आ रहे कर नियमों को समाप्त करना
5. ज्यादा व्यवहारिक वित्तीय नियमों के लिए प्रक्रियाओं की स्थापना करना
6. प्रस्तावित नियमों को लागू करने से पहले 30 दिन का अनिवार्य समय नोटिस और जवाब देने के लिए मंजूर करना
7. राज्यों के द्वारा भूमि खरीदने के लिए एक विशेष डोमेन का इस्तेमाल आसान बनाना
8. मल्टी ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश की बंदिशों को घटाना
9. सिंगल ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश की बंदिशों को घटाना
10. कॉर्पोरेट डाउनसाइजिंग पर सरकारी नियंत्रण को कम करना
11. बैंकों को ‘प्राथमिकता वाले क्षेत्रों’ को उधार देने के लिए मजबूर न करना
12. नगद सब्सिडी को सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करना
13. सामान पर मिलने वाली छूट को सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करना

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