ताज़ा खबर
 

मोदी सरकार का दावा- पिछले साल से ज्यादा हो रहा ऑक्सिजन का उत्पादन, कर्नाटक ने सप्लाई बढ़ाने को कहा तो पहुंच गई SC

कांग्रेस नेता शिवाकुमार ने ट्वीट कर कहा, "जब राज्य में लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं तो क्या मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और भारतीय जनता पार्टी के सांसद मूकदर्शक बने रहेंगे।"

Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | May 6, 2021 8:04 PM
मथुरा में ऑक्सीजन सेंटर के बाहर कतार में खड़े लोग। फोटो – पीटीआई

केंद्र की मोदी सरकार ने दावा किया है कि देश में पिछले साल से ज्यादा ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। हालांकि सरकार के दावे के उलट राज्य सरकारें ऑक्सीजन आपूर्ति में कमी की बात कहते हुए इसे बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इसको लेकर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य के लिए तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन (एलएमओ) के कोटे को 965 मिट्रिक टन से बढ़ाकर 1200 मिट्रिक टन करने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आपूर्ति बढ़ाने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है।

केंद्र के रवैए पर कर्नाटक कांग्रेस पार्टी ने हैरानी व्यक्त की है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष डी के शिवाकुमार ने कहा कि इस मामले में केन्द्र के उच्चतम न्यायालय का रुख करने पर उन्हें हैरानी हुई है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कर्नाटक की प्रतिदिन एलएमओ की मांग 1471 मिट्रिक टन है, जबकि केन्द्र की ओर से केवल 865 मिट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल रही है। शिवाकुमार ने ट्वीट कर कहा, “जब राज्य में लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं तो क्या मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और भारतीय जनता पार्टी के सांसद मूकदर्शक बने रहेंगे।” इस मामले पर हुई सुनवाई में केन्द्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ को बताया कि राज्य को इस समय 965 मिट्रिक टन एलएमओ की आपूर्ति की जा रही है और कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए।

दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में देश में कोविड-19 की राज्य और जिलावार स्थिति की समीक्षा की और इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य ढांचे को दुरूस्त करने में राज्यों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने टीकाकरण की गति को बनाए रखने के लिए राज्यों को संवदेनशील होकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “राज्यों और जिलों में टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य क्षमताओं को बढ़ाने सहित कोविड की स्थिति के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।”

इस बीच, पीएमओ ने बयान में कह कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को कोविड-19 की राज्य और जिलावार स्थिति की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें उन 12 राज्यों के बारे में बताया गया जहां एक लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं। साथ ही अत्यधिक प्रभावित जिलों के बारे में भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया।

बयान में कहा गया, “राज्यों द्वारा स्वास्थ्य ढांचें में तेजी से की जा रही वृद्धि के बारे में अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्यों को स्वास्थ्य ढांचे को दुरुस्त करने में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाना चाहिए।”

बैठक में राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, हर्षवर्धन, पीयूष गोयल, मनसुख भाई मंडाविया सहित अन्य मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में त्वरित और समग्र निषिद्ध उपायों के बारे में भी चर्चा की गई।

Next Stories
1 यूपी में कोरोना: सरकारी पोर्टल पर बता रहा था बेड ख़ाली, जज ने सुनवाई के बीच कोर्ट से ही लगवा दिया फोन, पकड़ा गया झूठ
2 चुनाव आयोग से बोला सुप्रीम कोर्ट- मद्रास HC की बात कड़वी पर सही, मीडिया को रिपोर्टिंग से नहीं रोक सकते
3 बिहारः स्कूटी वाली लड़की ने सड़क पर मचाया बवाल, पुलिस के सामने नीतीश कुमार को खरी-खोंटी
ये पढ़ा क्या?
X