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11,000 की आबादी वाले देश तक पहुंच गए मोदी सरकार के मंत्री: 192 का लक्ष्य, कर चुके हैं 189 देशों का दौरा

केन्द्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की मार्शल आइलैंड नामक देश की यात्रा इसी माह के अंत में प्रस्तावित है। मार्शल आइलैंड के बाद सिर्फ किरीबाती और माइक्रोनेसिया ही ऐसे देश बचेंगे, जहां अभी तक कोई भारतीय नेता नहीं पहुंचा है।

मोदी सरकार के दौरान अभी तक 189 देशों की यात्रा कर चुके हैं मंत्री। (image source-Reuters)

मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद बृहद संपर्क योजना के तहत दुनिया के 192 देशों का दौरा करने की योजना बनायी थी। सरकार ने यह योजना साल 2015 में बनायी थी। गौरतलब है कि बीते 1 जून को केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने पैसिफिक आइलैंड देश तुवेलु की यात्रा की थी। बता दें कि तुवेलु में यह अभी तक किसी भारतीय मंत्री की पहली यात्रा थी। इस यात्रा के साथ ही एनडीए सरकार के मंत्री अब तक बृहद संपर्क योजना के तहत 189 देशों की यात्रा कर चुके हैं।

बता दें कि तुवेलु की कुल जनसंख्या सिर्फ 11,200 है। साल 1978 में आजाद हुआ तुवेलु समुद्री लेवल से सिर्फ 4 मीटर ऊपर बसा हुआ है। तुवेलु उन 34 देशों में शामिल था, जो देश साल 2005 में यूनाइटेड नेशन में रिफॉर्म के पक्ष में जी-4 देशों (भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील) के को-स्पॉन्सर थे। उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड नेशन ने 193 देशों को मान्यता दी हुई है, जिसमें से एक भारत है। ऐसे में तुवेलु के बाद सिर्फ 3 और देश रह जाएंगे, जहां आने वाले दिनों में भारतीय मंत्रियों को यात्रा करनी है। केन्द्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की मार्शल आइलैंड नामक देश की यात्रा इसी माह के अंत में प्रस्तावित है। मार्शल आइलैंड के बाद सिर्फ किरीबाती और माइक्रोनेसिया ही ऐसे देश बचेंगे, जहां अभी तक कोई भारतीय नेता नहीं पहुंचा है। माना जा रहा है कि जल्द ही मोदी सरकार इन दोनों देशों की यात्रा पर भी किसी नेता को भेज सकती है।

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हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि, जुलाई में मार्शल आइलैंड की यात्रा के बाद दो और देशों की यात्रा प्रस्तावित है। अधिकारी के अनुसार, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज लगातार इस बारे में समीक्षा करती रहती हैं, जिससे हम इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। बृहद संपर्क योजना का उद्देश्य दुनिया के सभी 192 देशों की यात्रा करना है। पूर्व विदेश सचिव ललित मानसिंह का मानना है कि “यदि आपको एक ग्लोबल पॉवर बनना है तो दुनिया के सभी देशों तक अपनी पहुंच बढ़ानी होगी। राजनैतिक स्तर पर भागीदारी काफी अहम है, क्योंकि कोई भी देश कितना ही छोटा क्यों ना हो यूनाइटेड नेशन में एक वोट की ताकत रखता है।”

बता दें कि तुवेलु की अपनी यात्रा के दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने वहां की गृह मंत्री नामोलिकी सुआलिकी नीमिया को 50000 डॉलर की आर्थिक मदद का चेक सौंपा। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने तुवेलु के प्रधानमंत्री को भारत दौरे का निमंत्रण भी दिया। अश्विनी चौबे की तरह ही अधिकतर मंत्रियों ने विभिन्न देशों के दौरे किए हैं। केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल जहां सोलोमन आइलैंड और वनुतु के दौरे पर गए, वहीं सुरेश प्रभु अल्बानिया, बोस्निया, हरजेगोविना और पनामा का दौरा कर चुके हैं। इनके अलावा निर्मला सीतारमण क्रोएशिया, रविशंकर प्रसाद लातविया और एस्टोनिया, मुख्तार अब्बास नकवी जांबिया का दौरा कर चुके हैं।

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