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मोदी सरकार ने सेरेमोनियल लाउंज के लिए 1 रुपए सालाना लाइसेंस फीस पर दी 1800 वर्ग मीटर जमीन, जानिए पूरा मामला

तिरूपति एयरपोर्ट पर ही अतिथि परिसर (सेरेमोनियल लाउंज) का निर्माण होगा। यह एक वीवीआईपी परिसर होगा। इसमें विजिटर्स को बेहतरीन सुविधाएं दी जाएंगी।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक, फोटो: PTI

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की 1800 स्क्वॉयर मीटर जमीन को आंध्र प्रदेश एजुकेशन एंड वेलफेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (एपीईडब्ल्यूआईडीसी) को आवंटित करने को मंजूरी दे दी। मोदी सरकार ने मात्र एक रुपए सालाना की लाइसेंस फीस पर यह जमीन दी है। इस जमीन पर अतिथि परिसर का निर्माण किया जाएगा। तिरूपति एयरपोर्ट पर ही अतिथि परिसर (सेरेमोनियल लाउंज) का निर्माण होगा। यह एक वीवीआईपी परिसर होगा। इसमें विजिटर्स को बेहतरीन सुविधाएं दी जाएंगी।

कैबिनट ने एक प्रेस रिलीज के जरिए इसके बारे में जानकारी साझा की। प्रेस रिलीज में कहा गया कि ‘केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जमीन को आंध्र प्रदेश एजुकेशन एंड वेलफेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन को आवंटित करने को मंजूरी दी है। यह जमीन कुल 15 साल के लिए 1 रुपये सालाना की लाइसेंस फीस पर दी गई है।

तिरूपति भगवान श्री वेंकेटेश्वर से जुड़ा स्थल है जहां वीवीआईपी और वीआईपी लोगों का अक्सर आना जाना लगा रहता है। अतिथि परिसर के निर्माण से वहां आने वाले ऐसे लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेंगी। इस अतिथि परिसर की देखरेख की जिम्मेदारी आंध्र प्रदेश एजुकेशन एंड वेलफेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन की ही होगी।

स्पेन में होने वाले संरा जलवायु परिवर्तन सम्मेलन पर भारतीय रुख को मंजूरी: केंद्रीय कैबिनेट ने स्पेन में अगले सप्ताह आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के बारे में भारतीय रुख को मंजूरी दी। बैठक में दो से 13 दिसंबर तक स्पेन के मैड्रिड में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन ढांचा सम्मेलन संबंधी 25वीं कांफ्रेंस आफ पार्टीज (सीओपी) में वार्ता के बारे में भारत के रुख को मंजूरी दी गयी । यह सम्मेलन चिली की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है।

भारतीय खाद्य निगम की प्राधिकृत पूंजी बढ़ाकर दस हजार करोड़ रुपए: सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की प्राधिकृत पूंजी को मौजूदा 3,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया। सरकार के इस फैसले के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के इस निकाय में अतिरिक्त पूंजी डालने का मार्ग प्रशस्त हो गया। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से एफसीआई को खाद्यान्नों की खरीद और वितरण में सुविधा होगी। इसके साथ ही एफसीआई अपने कर्ज और ब्याज लागत को भी कम कर सकेगा। एक सरकारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

इसमें कहा गया, ‘‘एफसीआई की प्राधिकृत पूंजी बढ़ाये जाने के बाद इस उपक्रम में केन्द्रीय बजट के जरिये अतिरिक्त पूंजी डाली जा सकेगी। इससे एफसीआई को खाद्यान्न भंडार को बनाये रखने में आने वाली लागत का वहन करने में मदद मिलेगी।’’ विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार के इस कदम से एफसीआई का कर्ज कम होगा, ब्याज लागत की बचत होगी और खाद्य सब्सिडी में भी कमी आयेगी।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

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