एनडीए के घटक दलों के नेता बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में मिलेंगे। एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई भाजपा नेताओं ने पीएम मोदी को स्वतंत्र भारत में निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लम्बा नियमित कार्यकाल पूरा करने के लिए बधाई दी।

भारत में पहला चुनाव 1952 में हुआ था। 15 अगस्त को देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद जवाहरलाल नेहरू भारत के अंतरिम प्रधानमंत्री बने थे। संविधान निर्माण के बाद 1952 में स्वतंत्र देश का पहला चुनाव हुआ जिसमें जीतने के बाद जवाहरलाल नेहरू फिर से देश के प्रधानमंत्री बने थे। नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1957 और 1962 के चुनाव में भी पूर्ण बहुमत प्राप्त किया था। नेहरू निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल पूर्ण नहीं कर पाए थे और 27 मई 1964 में उनका निधन हो गया।

नेहरू निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कुल 4398 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। बुधवार को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में 4399 दिन पूरा करेंगे। हालाँकि नेहरू कुल 16 वर्ष 286 दिन देश के प्रधानमंत्री रहे थे। इंदिरा गांधी कुल 15 साल 350 दिन देश की प्रधानमंत्री रही थीं।

12 साल विश्वास, विकास और जनकल्याण के

मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ये 12 साल विश्वास, विकास और जन कल्याण से भरे रहे हैं। यह दौर भारत के आर्थिक सशक्तिकरण और वैश्विक मंच पर उसके सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के रूप में इतिहास में दर्ज होगा। हमें गर्व है कि हमने अपने संकल्प को पूरा किया है… एक नए विचार, सामूहिक प्रतिबद्धता और सामूहिक सपनों के साथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आगे ले जा रहे हैं।”

विदेश मंत्रालय (MEA) ने ‘ब्रांड इंडिया’ की मजबूती की सराहना की। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ”पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति में उल्लेखनीय बदलाव आया है जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘ब्रांड इंडिया’ और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।”

उन्होंने कहा, ”वैश्विक दक्षिण की आवाज़ बनने से लेकर संकट के समय ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ (First Responder) बनने तक, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलों के जरिए जलवायु कार्रवाई का नेतृत्व करने से लेकर यूपीआई जैसे डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को सीमाओं के पार ले जाने तक, भारत ने राष्ट्रीय हित के साथ वैश्विक भलाई को भी जोड़ा है।”

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी योजनाओं में ‘गति और पैमाना (speed and scale)’ जोड़कर लोगों तक लाभ बढ़ाया है। भुवनेश्वर से आई पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, मेघवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- ”2014 से पहले भी योजनाएं थीं लेकिन जब 2014 में मोदी ने कार्यभार संभाला तो उन्होंने उनमें गति और पैमाना जोड़ा।” उन्होंने कहा कि यही सोच और दृष्टिकोण मोदी को अन्य नेताओं से अलग बनाता है।

वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी के नाम कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हैं। 2014 में उन्होंने 30 सालों बाद पहली स्पष्ट बहुमत वाली सरकार बनाई। चाहे डिजिटल इंडिया हो, भारत की अर्थव्यवस्था और तकनीक की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान हो या महिलाओं का सशक्तिकरण- प्रधानमंत्री का काम खुद बोलता है। इसी उपलब्धियों की श्रृंखला में यह भी शामिल है कि वे सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सीधे निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।” उन्होंने कहा कि यह मोदी द्वारा दी गई ‘स्थिरता’ का संकेत है।

भाजपा नेता विनय सहस्रबुद्धे ने कहा, ”यह मोदी युग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है ना केवल उनके लंबे कार्यकाल के कारण बल्कि सुशासन, विकास और कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने के प्रयासों के कारण भी। विचारों की स्पष्टता, नवाचार की क्षमता, प्रदर्शन के प्रति जुनून और सुधारों के प्रति गंभीरता ने 2014 के बाद के भारत को पहले के भारत से काफी अलग बना दिया है। वे अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में एक ऐसे नेता के रूप में उभरे हैं जिनके पास विचारों की कमी नहीं है और जो समस्याओं के समाधान के लिए लगातार नए रास्ते खोजते रहते हैं।”

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कुछ दिन पहले दक्षिण अंडमान में वी डी सावरकर की मूर्ति का अनावरण किया। कांग्रेस अक्सर सावरकर की आलोचना करती है जबकि बीजेपी उन्हें आजादी की लड़ाई के लिए एक आदर्श मानती है। इस बीच नेहरू आर्काइव से हाल ही में जारी किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को सलाह दी थी कि सावरकर को भारत रत्न (देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान) न दिया जाए।