ताज़ा खबर
 

खतरे में मोदी और चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग की मुलाकात? भारतीय सेना के ‘हिम विजय’ युद्धाभ्यास पर भड़का ड्रैगन

भारतीय सेना 15,000 फीट की ऊंचाई पर अब तक सबसे नया युद्धाभ्यास कर रही है। लेकिन, अरुणाचल में LAC के करीब होने वाले इस युद्धाभ्यास पर चीन ने आपत्ति जाहिर की है।

फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस

अगले सप्ताह पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग की मुलाकात होने वाली है, लेकिन भारतीय सेना के अरुणाचल में चल रहे ‘हिम विजय’ युद्धाभ्यास से चीन की त्यौरियां चढ़ गई हैं और उसने युद्धाभ्यास पर अपनी आपत्ति जाहिर की है। गुरुवार को चीन के उप विदेश मंत्री ने भारत के विदेश सचिव विजय गोखले के साथ बैठक में आपत्ति दर्ज कराई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने भारत से कहा है कि वर्तमान युद्धाभ्यास दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ता को नजरअंदाज करने वाला है। वहीं, भारत की तरफ से कहा गया है कि युद्धाभ्यास एलएसी से 100 किलोमीटर दूर हो रहा है और दोनों देशों के मध्य होने वाली बैठक से महीनों पहले यह निर्धारित हो चुका था।

गौरतलब है कि वार्ता को लेकर अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्र के हवाले से बताया है कि शी चिनफिंग 11 अक्टूबर को करीब 2 बजे चेन्नई पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को वह ममल्लापुरम जाएंगे और पीएम मोदी के साथ व्यक्तिगत रूप से रात का भोजन करेंगे। जानकारी के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत का समय काफी कम है, क्योंकि चिनफिंग 24 घंटे ही हिंदुस्तान में रुकेंगे।

गौरतलब है कि चीन सीमा पर सुरक्षा की रणनीति को पुख्ता करने के लिए बारतीय सेना अब तक की सबसे बड़ी और सबसे नई युद्ध रणनीति का परीक्षण LAC के करीब कर रही है। 15 हजार फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना ऑपरेशन ‘हिम विजय’ में जुटी है। अरुणाचल में होने वाला यह युद्धाभ्यास 24 अक्टूबर तक चलेगा। मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 7 से 10 अक्टूबर तक और फिर 20 से 14 अक्टूबर तक यह युद्धाभ्यास दो फेज में संपन्न होगा।

इस दौरान युद्ध के हालात में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सेना किस तरह एक जगह से दूसरी जगह जाएगी और उनका कम्युनिकेशन और कोऑर्डिनेशन किस तरह होगा इसका परीक्षण किया जा रहा है। यह नए बने इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप का पहला परीक्षण है। जानकारी के मुताबिक इसमें तीन बैटल ग्रुप हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें माउंटेन असॉल्ट, मोबलाइजेशन और एयर असॉल्ट शामिल हैं। इसमें स्पेशल फोर्स पैराट्रूपर्स भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेना में बड़े स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें आर्मी को काफी घातक बनाया जा रहा है। इसी के तहत आईबीजी का गठन किया गया है। आईबीजी में अलग-अलग फिल्ड के बेहतर जवान शामिल हैं। इसमें इंफैंट्री, टैंक, इंजीनियर्स, लॉजिस्टिक, सपोर्ट यूनिट समेत सभी क्षेत्र के सैनिक शामिल हैं।

Next Stories
1 J&K जाना चाहता था पाकिस्तान में जन्मा यह अमेरिकी जनप्रतिनिधि, भारत सरकार ने नहीं दी इजाजत
2 HARYANA ELECTIONS 2019: भजनलाल के गढ़ में TikTok स्टार के जरिए सेंध लगाएगी भाजपा! फिल्मों और टीवी में भी काम कर चुकी हैं सोनाली फोगाट
3 उत्तर प्रदेश: महिला कॉन्स्टेबल से साल भर से रेप कर रहा था मौलाना! आरोपी गिरफ्तार
ये पढ़ा क्या?
X