ताज़ा खबर
 

6 महीने में मॉब लिंचिंग में इजाफा क्यों? गृहमंत्रालय का जवाब- कानून व्यवस्था राज्य का मसला, NCRB का डाटा सही नहीं

मॉब लिंचिंग में इजाफा क्यों हो रहा है इस सवाल पर केंद्र सरकार ने कहा है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का डाटा सही नहीं है। और यह राज्यों की कानून व्यवस्था का मसला है।

Nityanand Rai, Mob lynching, NCRB, NCRB Mob lynching, up government, uttar pradesh Mob lynching, Mob lynching law, pm modi, modi sarkar, hate crimeगृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय। फोटो: ANI

मॉब लींचिंग की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा कानून बनाने की बहस के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि इस तरह की घटनाएं राज्यों की कानून व्यवस्था का मसला है। साथ ही केंद्र ने पिछले 6 महीने में मॉब लिंचिंग में इजाफे पर कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का डाटा सही नहीं है। राज्यसभा में बुधवार (17 जुलाई 2019) को एक सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा ‘संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य कानून और कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं। राज्य सरकारें अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, जांच और अपराधियों पर मामला चलाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से अपराधियों पर मुकदमा चलाती है।’

मॉब लिंचिंग में इजाफा क्यों हो रहा है इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘एनसीआरबी का डाटा सही नहीं है। ये संस्था देश में होने वाली मॉब लिंचिंग की घटनाओं का अलग से कोई आंकड़ा नहीं रखता।’ मालूम हो कि बीती 2 जुलाई को बिहार के वैशाली जिले में एक घर से कथित तौर पर चोरी के शक में एक व्यक्ति को भीड़ ने जमकर पीटा था। इसके अलावा बीते महीने झारखंड में 18 जून को तबरेज अंसारी नाम के एक मुस्लिम शख्स को खरसावन जिले में कथित तौर पर चोरी के शक में पीटा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश लॉ कमीशन ने मॉब लींचिंग पर रोकथाम के लिए कानून बनाने की सिफारिश की है। योगी सरकार इस कानून पर आगे बढ़ती है तो मॉब लींचिंग की घटनाओं में शामिल होने वाले को उम्र कैद और पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा।

गौरतलब है कि मोदी सरकार के आने के बाद मॉब लींचिंग की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि सरकार की तरफ से दावे किए गए हैं कि मोदी सरकारे के आने से पहले भी मॉब लींचिंग की घटनाएं होती थी। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात को कह चुक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2014 के बाद से ही मॉब लिंचिंग शुरू नहीं हुई और इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि भारतीय लोकतंत्र में भीड़तंत्र बेकाबू हो गया है। मॉब लिंचिंग और हेट क्राइम के मामले दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। सरकारें कड़ा संदेश देने में कतरा रही हैं और इससे कानून तोड़ने वालों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 ‘तमंचा डांस’ कर निलंबित बीजेपी MLA पर फिर गिरी गाज, छह साल के लिए पार्टी ने किया बाहर
2 छोटे भाई अनिल की दिवालिया कंपनी की संपत्ति खरीदने को तैयार मुकेश अंबानी, इस बिजनेस प्लान को देंगे अंजाम
3 कोर्ट के कुरान बांटने की सजा देने पर भड़कीं वीएचपी नेता साध्वी प्राची, बताया ‘सीरिया जैसा फतवा’
ये पढ़ा क्या...
X