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नहीं मिला डॉक्टर तो MLA बना ‘फरिश्ता’, गर्भवती की सर्जरी कर प्रसव में की मदद, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

विधायक थियामसंगा ने बताया कि नगुर गाँव की निवासी 38 वर्षीय सी लालहमंगाईहसंगी अपने दुसरे बच्चे को जन्म देने वाली थीं। उन्हें काफी रक्तस्राव हो रहा था और उसकी स्थिति नाजुक थी।

Edited By Naveen Rai नई दिल्ली | Updated: August 11, 2020 8:09 PM
विधायक जेड आर थियामसंगा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं. वे अपने विधानसभा क्षेत्र में कोविड-19 के हालातों एवं कुछ दिनों पूर्व आये भूकम्प से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुँचे थे। (फाइल फोटो-Twitter)

आमतौर पर जीत के बाद जनता को भूल जाने के लिए बदनाम हमारे देश के जनप्रतिनिधियों के बीच मिजोरम के विधायक जेड आर थियामसंगा इस धारणा के बिलकुल उलट हैं। म्यांमार सीमा के निकट चम्फाई जिले में भूकम्प प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने गये विधायक ने एक गर्भवती महिला की आपात सर्जरी करके प्रसव में मदद की।

विधायक जेड आर थियामसंगा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। वे अपने विधानसभा क्षेत्र में कोविड-19 के हालातों एवं कुछ दिनों पूर्व आये भूकम्प से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुँचे थे। वे दूरदराज इलाकों में दौरे के समय अक्सर अपने साथ  स्टेथोस्कोप रखते हैं ताकि वे आपात स्तिथि में लोगों को तत्काल मदद पहुंचा सकें।

विधायक थियामसंगा ने बताया कि नगुर गाँव की निवासी 38 वर्षीय सी लालहमंगाईहसंगी अपने दुसरे बच्चे को जन्म देने वाली थीं। उन्हें काफी रक्तस्राव हो रहा था और उसकी स्थिति नाजुक थी। इस समय जिले की चिकित्सा अधिकारी छुट्टी पर थे और महिला की हालत नाज़ुक होने की वजह से वह  200 किलोमीटर दूर आइजोल तक जाने की स्थिति में नहीं थी। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

इससे पहले वे जून के महीने में भारत- म्यांमार सीमा पर तैनात एक बीमार सैन्य कर्मी की के इलाज के कारण सुर्ख़ियों में आये थे। उनका इलाज करने करने के लिए वे नदी पार करके कई किलोमीटर पैदल चलके वहां पहुँचे थे। वे मिजोरम में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट से विधायक हैं।उन्होंने 2018 में हुए चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन विधायक टीटी जोथानसंगा को हराया था।फ़िलहाल  वह राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं।

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