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छत्तीसगढ़ पुलिस आने से कुछ मिनट पहले ही नोएडा में जी एंकर के खिलाफ दर्ज की गई FIR, घर पर लगा है ताला, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

रायपुर पुलिस ने बुधवार को टीवी एंकर रोहित रंजन को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उनके आवास पर नहीं मिलने पर भगोड़ा घोषित कर दिया है।

Rohit Ranjan | zee news anchor rohit ranjan | Noida Police | एंकर रोहित रंजन | नोएडा पुलिस
जी न्यूज चैनल के एंकर रोहित रंजन। (Photo Credit – Facebook/ Rohit Ranjan)

मालविका प्रसाद

ज़ी न्यूज़ के दो पूर्व निर्माताओं, जिन पर चैनल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक गुमराह करने वाला वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया था, के खिलाफ मंगलवार सुबह 8.33 बजे प्राथमिकी दर्ज की गई थी, इससे कुछ मिनट पहले ही संबंधित शो के लिए चैनल के एंकर रोहित रंजन को हटा दिया गया था। इसके बाद नोएडा पुलिस रंजन को पूछताछ के लिए ले गई, जबकि गिरफ्तारी के लिए आई छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम का उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने को लेकर उनके घर के बाहर यूपी पुलिस के साथ विवाद हो गया। हालांकि केस के मूल प्राथमिकी में रंजन का नाम नहीं था, नोएडा पुलिस ने बाद में उन पर आईपीसी की धारा 505 (2) (सार्वजनिक शरारत और दुश्मनी के लिए अनुकूल बयान) के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को ही बाद में उन्हें जमानत दे दी गई। इधर, इस मामले में एंकर रोहित रंजन की याचिका पर आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

घर बंद
छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम बुधवार सुबह दूसरी बार एंकर रोहित रंजन के आवास पर गई लेकिन वहां उसको ताला लगा मिला। रायपुर के डीएसपी उदयन बेहर ने कहा, “हम बुधवार सुबह 9 बजे रोहित रंजन के घर गए। उनके घर पर ताला लगा था।” बेहर ने कहा, “यद्यपि गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में मंगलवार को रंजन के घर के बाहर हुई घटनाओं को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने इसकी रिसीविंग नहीं दी है।”

रायपुर पुलिस ने बुधवार को टीवी एंकर रोहित रंजन को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उनके आवास पर नहीं मिलने पर भगोड़ा घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे थे। इससे पहले करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मंगलवार की देर रात रंजन को जमानत पर रिहा कर दिया था।

रायपुर पुलिस बुधवार को नोएडा के सेक्टर-20 स्थित कोतवाली पहुंची और नोटिस दिया, लेकिन नोएडा पुलिस ने नोटिस नहीं लिया। रायपुर पुलिस ने एंकर की एफआईआर से लेकर अन्य जानकारी मांगी, लेकिन नोएडा पुलिस ने कानूनी कार्रवाई बताकर इसको देने से इंकार कर दिया।

ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन की गिरफ्तारी के संबंध में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने बुधवार, 6 जुलाई, 2022 को नोएडा में नोटिस दिया। (पीटीआई फोटो)

रायपुर पुलिस ने थाना प्रभारी से कहा कि पुलिस टीम न्यूज चैनल के दफ्तर जांच के लिए जा रही है। इस पर थाना पुलिस ने चौकी इंचार्ज को साथ भेज दिया। रायपुर पुलिस टीवी चैनल के दफ्तर पहुंची और पूछताछ की और बाहर दो नोटिस चस्पा कर दिए। नोटिस कार्तिक कृष्णमूर्ति और रजनीश आहूजा के नाम पर था। नोटिस में 12 जुलाई तक रायपुर के सिविल लाइन थाने में उपस्थित होने को कहा गया है।

ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि बी आर वेंकटरमन द्वारा दो पूर्व निर्माताओं के खिलाफ 3 जुलाई को दायर एक शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ज़ी न्यूज़ ने राहुल गांधी के खिलाफ एक गुमराह करने वाला वीडियो प्रसारित करने के लिए चैनल पर माफ़ी मांगी थी, जिसमें केरल के वायनाड में उनके एमपी कार्यालय में कुछ एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बर्बरता पर उनकी टिप्पणियों को उदयपुर में की गई एक दर्जी की हत्या से जोड़ दिया गया था।

प्रसारण निकाय के पास कांग्रेस
कांग्रेस ने न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी से संपर्क किया है और ज़ी न्यूज और उसके एंकर रोहित रंजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसमें राहुल गांधी के एक भ्रामक वीडियो को वायनाड में उनके कार्यालय पर एसएफआई हमले पर अपनी टिप्पणियों को उदयपुर की घटना से जोड़ने को लेकर शिकायत की गई थी।

भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की शिकायत के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस गिरफ्तारी के लिए कोर्ट वारंट लेकर मंगलवार तड़के रंजन के घर पहुंची। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चैनल ने “आतंकवाद फैलाने और देश की एकता को तोड़ने” के लिए “क्लिप को संपादित किया और झूठी” रिपोर्ट चलाई।

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