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स्मार्ट सिटी की लिस्ट में यूपी के झांसी अलीगढ़ और इलाहाबाद शामिल, जानिए देश के कौन से 30 शहर बनेंगे स्मार्ट

Smart City: इस लिस्ट में हरियाणा के केवल एक ही शहर करनाल को जगह मिली है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

केंद्र सरकार की स्मार्टसिटी योजना के तहत एक और लिस्ट जारी की गई है। शहरी विकास मंत्रालय ने इस लिस्ट में उन 30 शहरों को शामिल किया है जिन्हें स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। इसमें केरल के त्रिवेंद्रम, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और नया रायपुर, गुजरात के दाहोद, गांधीनगर और राजकोट, आंध्र प्रदेश के अमरावती, बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर, तेलंगाना का करीमनगर, पुडुचेरी का पुडुचेरी, जम्मू कश्मीर के जम्मू और श्रीनगर, मध्य प्रदेश के सतना और सागर, हरियाणा के करनाल, कर्नाटक के बेंगलुरू, हिमाचल प्रदेश के शिमला, उत्तराखंड के देहरादून, तमिलनाडु के तिरुनवेली, तिरुचिरापल्ली, त्रिपुरा और तूतुकुडी, महाराष्ट्र के पिंरी चिंचवड, अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट, यूपी के झांसी, अलीगढ़ और इलाहाबाद, मिजोरम के आइजोल और सिक्किम के गंगटोक शहर को शामिल किया गया है।

कुछ शहरों के स्थानीय निकाय न्यूनतम शर्तों को पूरी नहीं कर सके जिसकी वजह से उनका मूल्यांकन नहीं किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि इस प्रतियोगिता में कुल 45 शहरों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से सिर्फ 30 को सफलता मिली है। इन शहरों में कुल 57393 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इन्हें स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। इस लिस्ट के बाद अब स्मार्ट सिटी बनने वाले शहरों की संख्या 90 हो गई है। इन पर कुल 191155 करोड़ रुपये खर्च किया जाएंगे।

स्मार्ट सिटी के लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, अलीगढ़, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, रायबरेली व मेरठ सह‌ित 13 शहरों का प्रस्ताव  बना था। राज्य सरकार की तरफ से 11 शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए प्रस्तावित किया गया था। इनमें से केवल 3 ही शहर स्मार्ट सिटी की लिस्ट में अपनी जगह बना पाए हैं। केंद्र सरकार ने साल 2020 तक देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का लक्ष्य रखा है। जिसके लिए शहरों का चयन किया गया है। तीसरे राउंड की लिस्ट में पहला नंबर तिरुवनंतपुरम और दूसरा नंबर नया रायपुर का रहा। स्मार्ट सिटी परियोजना में बिजली और पानी की सुविधा, सफाई, आईटी कनेक्टिविटी, परिवहन के साधन, ई गर्वनेंस और ठोस कचरा प्रबंधन का ध्यान में रखकर काम किया जाना है।

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  1. J
    jameel shafakhana
    Jun 23, 2017 at 3:06 pm
    LING CHHOTA, DHEELA OR TEDHA HA TO AAJMAIYE YE NUSKHA NILL SHUKRANUO KA GUARANTEE KE SATH SAFAL AYURVEDIC TREATMENT LING ME UTTEJNA ATE HI NIKAL JATA HAI TO KHAYEN YE NUSKHA : jameelshafakhana
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