पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृ्त्व वाली अमेरिकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रवासी विदेशी नागरिकों को अपने देश से बाहर निकाल दिया था। इसमें भारतीय भी शामिल थे, जिन्हें हथकड़ियां लगाकर और सेना के विमानों से भेजा गया था। अब विदेश मंत्रालय ने इन भारतीयों की संख्या बताई है।

पिछले 17 महीनों में 4 हजार से अधिक भारतीयों को अमेरिका से भारत भेजा जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सवालों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।

कुल कितने भारतीय भेजे गए?

रणधीर जयसवाल ने बताया, “इस साल अब तक कुल 1076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका ने भारत को सौंपा है। 2025 के दौरान अमेरिका से कुल 3767 लोगों को वापस भेजा गया था।” अमेरिका से अब तक 4843 भारतीयों को वापस भेजा जा चुका है।

अमेरिका के लिए संवेदनशील रहा है मुद्दा

इमीग्रेशन का मुद्दा ट्रंप प्रशासन के लिए बेहद संवेदनशील राजनीतिक रहा है। हालांकि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भारतीय विदेश में अवैध रूप से रह रहा हो तो उसे वह वापस लेगा और यह सभी देशों का दायित्व है। हालांकि यह उनकी राष्ट्रीयता के सत्यापन के अधीन है। विदेश मंत्रालय ने पिछले साल संसद में कहा था कि यह नीति सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सभी देश अपनाते हैं, यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक सर्वमान्य सिद्धांत हैं।

संसद में सरकार ने कहा था कि सरकार अमेरिका में अवैध रूप से घुसने वाले, वीजा खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रहने वाले या बिना डाक्यूमेंट के रह रहे व्यक्तियों के निर्वासन के संबंध में भारत सरकार अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रही है। अमेरिका द्वारा निर्वासित करने के लिए चुने गए लोगों की लिस्ट की संबंधित भारतीय एजेंसियां जांच और सत्यापित करती है। इसके बाद ही सत्यापित भारतीय नागरिकों को ही भारत वापस भेजा जाता है।

हथकड़ी लगने पर हुआ था बवाल

साल 2025 में अमेरिका ने कई देशों के अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा था। फरवरी 2025 में दिल्ली और अमृतसर के एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैन्य विमान उतरे थे, जिनमें भारतीय नागरिक थे और उनके हाथों में हथकड़ियां लगी हुईं थी। इस पर काफी बवाल भी मचा था लेकिन उस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को हथकड़ी लगना सामान्य बात है।

यह भी पढ़ें: ‘इस मामले पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं’, भारत ने कश्मीर मुद्दे पर यूरोप और पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान और यूरोपीय यूनियन द्वारा संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के जिक्र पर कड़ी आपत्ति जताई है, विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों को भारत के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने का अधिकारी नहीं हैं, उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें