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भारत से भागकर इस्लामिक स्टेट की ओर से जंग लड़ने गया, आई खबर- लीबिया की जेल में सड़ रहा तबरेज

विदेश मंत्रालय की एंजेसी MEA को हाल ही में यह जानकारी लीबिया अथॉरिटी से मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लीबिया की जेल में कैद शख्स का नाम तबरेज तांबू है, जो साल 2006 में भारत से इस्मालिक स्टेट के आंतकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए गया था।

Author Updated: January 30, 2018 8:28 PM
तबरेज तांबे साल 2006 में भारत से इस्मालिक स्टेट के आंतकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए गया था।

मुंबई के एक युवक का लीबिया की जेल में कैद होने का मामला सामने आया है। विदेश मंत्रालय की एंजेसी MEA को हाल ही में यह जानकारी लीबिया अथॉरिटी से मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लीबिया की जेल में कैद शख्स का नाम तबरेज तांबू है, जो साल 2006 में भारत से इस्मालिक स्टेट के आंतकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए गया था। उसे लीबियन अथॉरटीज ने दिसंबर में पकड़ा था। विदेश मंत्रालय ने 30 वर्षीय तबरेज तांबे के बारे में मिली सूचना महाराष्ट्र की एटीएस टीम को दे दी है। अब एटीएस की टीम ने एक पत्र भेजकर लीबिया से तबरेज के बारे में जानकारी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, यह शायद देश में पहला ऐसा मामला हो सकता है जहां आईएस में भर्ती होने वाले शख्स के लिए न्यायिक मदद की मांग की गई है।

दिसंबर 2016 में तबरेज नूर मोहम्मद तांबे के आतंकी संगठन में शामिल होने को लेकर तबरेज भाई ने एटीएस की कला चौकी इकाई में मामला दर्ज कराया था। एटीएस चीफ ने बताया था कि तबरेज सउदी अरब के अपने एक दोस्त अली के साथ आईएसआईएस में शामिल हो गया था। तबरेज पिछले कई सालों से उसके संपर्क में था। दोनों रियाद में आतंकी संगठन के लिए साथ ही काम कर रहे थे।

बता दें कि तबरेज का एक छोटा बेटा भी है। एटीस के मुताबिक तबरेज ने साल 2016 मार्च में अपनी मां से फोन पर बात की थी, लेकिन लीबिया जाने या आईएस के आंतकी संगठन में शामिल होने के बारे में कुछ नहीं बताया था। इसके बाद तबरेज ने 5 दिसंबर को दोबारा अपने परिवार से बात की थी। तब उसने लीबिया में फंसे होने की बात कही। उसने अपनी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने के लिए कहा था। इसके बाद उसकी रिहाई के लिए एंबेसी से बात भी की थी।

तबरेज तांबे पर धारा 16 (आतंकवादी कृत्यों के लिए), 18 (षड्यंत्र), 18 (बी) (आतंकवादी कृत्यों के लिए व्यक्ति या व्यक्तियों की भर्ती), 20 (एक आतंकवादी संगठन का सदस्य) और 39 (एक आतंकवादी संगठन का समर्थन) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यूएपीए के तहत सउद द्वारा दी गई शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया था जिसमें अली ने अपने भाई को कट्टरपंथ के आरोप में दोषी ठहराया था। वहीं तबरेज के परिवार को शक है कि अली ही उसे अगवा करके इजिप्ट ले गया और बाद में वो लोग लीबिया पहुंच गए। पुलिस को जांच में पता चला था कि अली ने पहले तबरेज के घूमने और दूसरे खर्चों के लिए 4 लाख रुपए भी भिजवाए थे।

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