नॉर्वे के ओस्ले शहर में भारतीय अधिकारियों की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें भारतीय विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नार्वे के पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। इस दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया, “हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप भारत में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने का वादा करते हैं” “क्या PM भारतीय प्रेस के मुश्किल सवालों के जवाब देंगे?”

सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भारतीय संविधान और मानवाधिकारों पर कहा, “हमारे पास एक ऐसा संविधान है जो लोगों के अधिकार, उनके मौलिक अधिकार की गारंटी देता है। हमारे देश में महिलाओं को बराबर का हक हासिल है, जो बेहद अहम है।”

आजादी मिलने के साथ ही महिलाओं को वोटिंग राइट्स दिए- विदेश सचिव

आगे उन्होंने कहा, भारत को 1947 में आजादी मिली, आजादी के तुरंत बाद हमने अपने देश की महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया। हमने मिलकर आजादी जीती और उन्होंने खुद इसे हासिल किया। मैं ऐसे कई देशों को जानता हूं जहां भारत द्वारा अधिकार दिए जाने के कई दशकों बाद महिलाओं को वोट डालने का अधिकार मिला और ऐसा इसलिए है क्योंकि हम बराबरी में भरोसा करते हैं, हम मानवाधिकारों में विश्वास रखते हैं। मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उदाहरण क्या है? सरकार बदलने का अधिकार, वोट देने का अधिकार। भारत में यही हो रहा है, हमें इस पर गर्व है।

फिर यहां आकर सवाल पूछते हैं- सिबी जॉर्ज

विदेश सचिव ने विदेश रिपोर्टों और एनजीओ पर तीखा रुख अपनाते हुए कहा, “लोगों को भारत के विशाल पैमाने का कोई अंदाजा नहीं है। लोगों को समझ ही नहीं है कि भारत कितना विशाल है। वे किसी गुमनाम, अज्ञानी एनजीओ द्वारा पब्लिश एक या दो न्यूज रिपोर्ट को पढ़ते हैं और फिर यहां आकर सवाल पूछते हैं।”

आगे उन्होंने भारतीय मीडिया के विस्तार पर कहा, आप जानते हैं कि हमारे यहां रोज कितनी कहानियां सामने आती हैं? हर दिन शान को कितनी ब्रेकिंग न्यूज आती है? अकेले दिल्ली में ही अंग्रेजी, हिंदी और कई अन्य भाषाओं के कम से कम 200 टीवी चैनल हैं। लोगों को भारत के विशाल पैमाने का कोई अंदाजा नहीं है।”

दुनिया में हर जगह भारत से जुड़ाव- विदेश सचिव

फिर जब पत्रकारों ने पूछा दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करें तो उन्होंने भारत की दुनिया के प्रति भूमिका और सांस्कृतिक विरासत का हवाला देते हुए कहा, आप चारों तरफ देखें, आपको दुनिया में हर जगह भारत का कोई न कोई जुड़ाव दिखाई देगा। आपके फोन पर जो नंबर दिखते हैं वे भारत से उत्पन्न हुए हैं। शून्य की शुरुआत भारत में हुई। शतरंज की शुरुआत भारत में हुई इसलिए हमें अपनी सभ्यता पर गर्व है। योग जिसकी सराहना पूरा दुनिया करती है, वह भारत से शुरू हुआ।”

क्यों शुरू हुई यह तीखी बहस?

दरअसल यह ब्रीफिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे की आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान हुई थी। यह तीखी बहस तब शुरू हुई जब एक नॉर्वे पत्रकार हेले लिंग ने पीएम मोदी के संयुक्त प्रेस बयान कक्ष से बाहर निकलते समय पूछा कि वे दुनिया की सबसे आजाद प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं देंगे। चूंकि पीएम मोदी जवाब देने के लिए नहीं रुके, इसलिए भारतीय अधिकारियों की ओर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में इन अहम सवालों को उठाया गया, जहां अधिकारियों ने जवाब दिया।

यह भी पढ़ें: भारत ने खारिज की प्रेस की आजादी व अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर नीदरलैंड के पीएम की टिप्पणी, कहा- ‘समझ की कमी है’

भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को नीदरलैंड (डच) के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन की देश में प्रेस की आजादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर कथित टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा कि यह देश जीवंत लोकतंत्र है जो सभी को बोलने की आजादी देता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें