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दहशत के बीच घर पहुंचने की जद्दोजहद में परेशान रहे प्रवासी मजदूर

गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त के मुताबिक शनिवार को नोएडा से उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए कुल 122 जिलों के लिए रवाना किया गया। इन बसों को जौनपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, बदायूं, मैनपुरी, एटा समेत अन्य जिलों में लोगों को भेजने की व्यवस्था की गई। उत्तर प्रदेश परिवहन समेत बड़ी संख्या में निजी बसों को इस काम में लगाया गया।

Author नई दिल्ली | Published on: March 29, 2020 6:16 AM
दिल्ली यूपी सीमा पर बसों में बैठने के लिए उमड़े लोग। (फोटो अरुष चोपड़ा)

कोरोना के कारण देशव्यापी पूर्णबंदी के दौरान शनिवार को नोएडा के मोरना स्थित बस अड्डे पर हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे अपने सिर व कंधों पर बैग या बोरा लादे बदहवास बसों के पीछे भागदौड़ रहे थे। सभी की एक ही जद्दोजहद, जल्द से जल्द अपने गांव पहुंचने की कोशिश में लगे थे।

मोरना बस अड्डे पर डीसीपी जोन-प्रथम संकल्प शर्मा, कई सहायक परिवहन अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों को भी भीड़ को नियंत्रित करने में चुनौती आई। माइक के जरिए पुलिसकर्मियों की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश भी नाकाम रही।
हालांकि गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त के मुताबिक शनिवार को नोएडा से उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए कुल 122 जिलों के लिए रवाना किया गया। इन बसों को जौनपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, बदायूं, मैनपुरी, एटा समेत अन्य जिलों में लोगों को भेजने की व्यवस्था की गई। उत्तर प्रदेश परिवहन समेत बड़ी संख्या में निजी बसों को इस काम में लगाया गया।

पुलिस प्रशासन के साथ देर रात तक सड़कों पर परिवहन विभाग के अधिकारी भी डटे रहे। अधिकारियों कि मानें तो सड़कों पर लोगों की भीड़ जुटने की मुख्य वजह सोशल मीडिया पर फैल अफवाह थी। जिला प्रशासन के अधिकारी शुक्रवार देर रात तक जेवर टोल, जीरो प्वाइंट पर जुटे हजारों लोगों के लिए खाने पीने की व्यवस्था भी करते नजर आए। वहीं, जिला प्रशासन की तरफ से अन्य जिलों में भेजे जाने वाली निजी बसों के परिचालक मनमाना किराया वसूलने का आरोप भी लगे हैं।

आरोप है कि नोएडा से आगरा तक का पांच सौ रुपए किराया लिया गया, जबकि रोडवेज की बसों में सिर्फ 220 रुपए ही किराया है।
बरौला में रह रहे रोहित ने आगरा पहुंचने के बाद फोन पर अपने परिचित को बताया कि निजी बस में भंगेल, जेवर इन सब जगहों से लोगों को बस में बैठा तो लिया, लेकिन एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने के बाद मनमाना किराया मांगा गया। 500 रुपए नहीं देने पर बस एक्सप्रेस-वे पर बीच में उतारने की धमकी दी जा रही है। यह सूचना मिलने पर आल इंडिया लग्जरी बस यूनियन के अध्यक्ष श्याम लाल गोला ने बताया कि इस विपदा में शासन की मदद करने के लिए लग्जरी बस संचालक हर तरह से तैयार हैं।

संगठन ने बैठक के बाद यह किया कि नोएडा जिला प्रशासन को अगर सवारियों को अन्य जिलों में भेजने में कोई दिक्कत हो रही है तो यूनियन 50 बसों की सेवा मुफ्त में उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक फेरे के बाद इन बसों को सैनिटाइज भी किया जाएगा।

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