Middle East Crisis: ईरान युद्ध के चलते पूरी पूरे पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ऐलान किया है कि इस क्षेत्र में वो सोमवार को 30 अनुसूचित और गैर-अनुसूचित फ्लाइट्स का संचालन करेगा। खास बात यह है कि इसमें UAE से आने वाली 10 गैर अनुसूचित उड़ानें भी शामिल हैं।

इस मुद्दे पर एयर इंडिया समूह ने कहा कि वे पश्चिम एशिया के गंतव्यों के लिए अन्य अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने के हर संभव अवसर की तलाश कर रहे हैं, जिससे वहां फंसे हुए लोगों की मदद की जा सके।

UAE को लेकर अहम बात

यूएई को लेकर अहम बात यह भी है कि यूएई से आने-जाने वाली सेवाएं प्रस्थान स्टेशनों पर स्लॉट की उपलब्धता और अन्य मौजूदा स्थितियों पर निर्भर करेंगी। समूह ने आगे स्पष्ट किया, “ये उड़ानें भारतीय और यूएई के संबंधित नियामक अधिकारियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद संचालित की जा रही हैं।”

ये उड़ानें मध्य पूर्व के कई शहरों को जोड़ेंगी, जिनमें दुबई, अबू धाबी, रास अल खैमाह, शारजाह, मस्कट, जेद्दा और रियाद शामिल हैं।

एयर इंडिया की रिफंड पॉलिसी

एयर इंडिया समूह ने एक बयान में कहा कि जिन यात्रियों की बुकिंग उन मार्गों पर हैस जहाँ अनुसूचित सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित हैं, वे या तो बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बाद की तारीख के लिए रीबुकिंग कर सकते हैं या पूरा रिफंड (Full Refund) प्राप्त कर सकते हैं।

इसको लेकर एयर इंडिया ने कहा, “एयर इंडिया के यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रीबुकिंग या रद्दीकरण (cancellation) के अनुरोध एयरलाइन की वेबसाइट https://airindia.com पर दर्ज करें। अधिक जानकारी के लिए, कृपया 24×7 कस्टमर सपोर्ट हेल्पलाइन +911169329333 या +911169329999 पर संपर्क करें।”

इसके अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस के वे यात्री जिन्होंने यूएई के किसी भी स्टेशन से यात्रा के लिए बुकिंग की है, वे यूएई से भारत के किसी भी गंतव्य के लिए संचालित होने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की अतिरिक्त वाणिज्यिक उड़ानों में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी फ्लाइट रीबुक कर सकते हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। इससे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर पहले से ही बढ़ा तनाव और भी बढ़ गया है। ऐसा लगता है कि यह संदेश सीधे तौर पर ट्रंप द्वारा पहले दी गई उन धमकियों का संदर्भ देता है जिनमें उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा नहीं खोलता है तो वह बिजली संयंत्रों और पुलों सहित ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे। पढ़िए पूरी खबर…