ताज़ा खबर
 

एजेंसियों को कंप्‍यूटर डेटा एक्‍सेस करने की इजाजत क्‍यों? कारण बताने से गृह मंत्रालय का इनकार

गृह मंत्रालय ने 10 सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 के तहत किसी कंप्यूटर में मौजूद डाटा को हासिल करने का अधिकार देने के कारणों का खुलासा करने से इनकार करते हुए इस सूचना को ‘‘अत्यधिक गोपनीय’’ करार दिया है।

Author नई दिल्ली | February 4, 2019 9:54 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

गृह मंत्रालय ने 10 सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 के तहत किसी कंप्यूटर में मौजूद डाटा को हासिल करने का अधिकार देने के कारणों का खुलासा करने से इनकार करते हुए इस सूचना को ‘‘अत्यधिक गोपनीय’’ करार दिया है। एक आरटीआई अर्जी के जवाब में मंत्रालय ने कहा है कि इसे ‘‘अत्यधिक गोपनीय’’ सूचना की श्रेणी में रखा गया है और इसका खुलासा नहीं किया जा सकता क्योंकि इसे सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई एक्ट) की धारा 8(1)(ए), 8(1)(जी) और 8(1)(एच) के तहत छूट प्राप्त है। वेंकटेश नायक नाम के एक व्यक्ति ने एक आरटीआई अर्जी के जरिए उन सभी आधिकारिक रिकार्डों की छायाप्रति मांगी थी जिनमें 10 सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को यह अधिकार दिए जाने के कारणों का लिखित में उल्लेख है।

गौरतलब है कि धारा 8 (1) (ए) ऐसी सूचना का खुलासा नहीं करने से छूट देता है, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, सामरिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों, विदेश संबंध को प्रभावित करता हो। नायक ने कहा कि सीपीआईओ ने सरकार के दैनिक कार्यों के बारे में पारदर्शी होने की जिम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने किसी विशेष कंप्यूटर के बारे में सूचना नहीं मांगी थी, जो दिसंबर 2018 के आदेश में सूचीबद्ध 10 एजेंसियों में किसी द्वारा जांच की जा रही हो।

उन्होंने कहा कि यह कह कर कि उनकी जिज्ञासा प्रश्नों के रूप में है और सूचना नहीं मांगी है, सीपीआईओ ने एक और गलती की है। गौरतलब है कि दिसंबर 2018 के अपने एक आदेश के जरिए गृह मंत्रालय ने 10 खुफिया संगठनों को आईटी एक्ट,2000 के तहत किसी भी कंप्यूटर से डाटा हासिल करने का अधिकार दिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App