ताज़ा खबर
 

गृह मंत्रालय के पूर्व सचिव बोले-आतंकियों को बचाने के लिए दिग्विजय सिंह ने गढ़ी थी हिंदू आतंकवाद की थ्योरी

पूर्व अधिकारी के अनुसार, हिंदू आतंकवाद के नाम पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने असली आतंकियों को बचाया। समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट के आरोपी आरिफ कासमानी, मक्का मस्जिद ब्लास्ट के आरोपी बिलाल भागने में सफल रहे थे।

गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी ने दिग्विजय सिंह पर लगाए गंभीर आरोप। (image source-ANI/Express photo)

गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एएनआई से बातचीत में गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने हिंदू आतंकवाद की झूठी कहानी गढ़ी थी और जिससे असली आतंकी बचने में सफल हो गए। आरवीएस मणि ने कहा है कि मैंने पहले भी कहा है कि साल 2010 तक हिंदू आतंकवाद को लेकर उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। यहां तक कि बाद में ऐसी कोई चीज नहीं थी। मैंने एक किताब लिखी है, जिसमें मैंने साफ किया है कि किस तरह दिग्विजय सिंह ने हिंदू आतंकवाद की नींव रखी और इसे फैलाया।

पूर्व अधिकारी के अनुसार, हिंदू आतंकवाद के नाम पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने असली आतंकियों को बचाया। समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट के आरोपी आरिफ कासमानी, मक्का मस्जिद ब्लास्ट के आरोपी बिलाल भागने में सफल रहे थे। मणि ने बताया कि उन्हें दिग्विजय सिंह का राजनैतिक एजेंडा समझ नहीं आया, लेकिन हिंदू आतंकवाद जैसी कोई बात नहीं थी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उन्होंने कभी भी हिंदू आतंकवाद की बात नहीं की, बल्कि उन्होंने संघी आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल किया था।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोई भी आतंकी घटना को धर्म के आधार पर परिभाषित नहीं किया जा सकता। कोई भी धर्म आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। संघ को कटघरे में खड़ा करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि बम ब्लास्ट करने वाले लोग संघ की विचारधारा से प्रभावित थे, फिर चाहे वो मालेगांव ब्लास्ट हो, मक्का मस्जिद ब्लास्ट, समझौता एक्सप्रेस या फिर दरगाह शरीफ ब्लास्ट। कांग्रेसी नेता ने कहा कि संघ हिंसा और घृणा का प्रचार करता है, जो कि बाद में आतंकवाद के रुप में प्रचारित होता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App