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#MeToo: बीजेपी सांसद ने कहा- 20 साल पहले मुझे चुप कराया गया था, एमजे पर पीएम को बोलना चाहिए

Me Too Campaign Movement in India Hindi: स्‍वामी ने दावा किया कि 20 साल पहले उन्‍होंने कई नेताओं द्वारा महिलाओं का यौन शोषण किए जाने का मुद्दा उठाया था, लेकिन तब उन्‍हें चुप करा दिया गया था। तब मीडिया वालों ने उनसे कहा था कि आप लोगों के निजी मामलों में घुस रहे हैं। आज निजी मामलों को टेलीविजन का मामला बना दिया गया है। सुब्रमण्यम स्वामी भाजपा के पहले नेता हैं जिन्‍होंने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा है कि इस मामले में प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए।

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। (एक्सप्रेस फाइल फोटोः अनिल शर्मा)

Me Too Campaign Movement in India Hindi: बीजेपी सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने सोशल मीडिया के जरिए चलाए जा रहे #MeToo कैंपेन पर अपनी राय दी है। इस कैंपेन के जरिए विदेश राज्‍य मंत्री एमजे अकबर पर आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इस पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर स्‍वामी ने कहा- ”इस मामले में मैं क्‍या बोल सकता हूं। उन्‍हें पीएम ने मंत्री बनाया है। पीएम को इस मामले में बोलना चाहिए।” स्‍वामी ने कहा कि वह इस अभियान के समर्थन में हैं और इस दलील के खिलाफ हैं कि इतने सालों बाद महिलाएं क्‍यों सामने आ रही हैं। स्‍वामी ने यह दावा भी किया कि 20 साल पहले उन्‍होंने कई नेताओं द्वारा महिलाओं का यौन शोषण किए जाने का मुद्दा उठाया था, लेकिन तब उन्‍हें चुप करा दिया गया था। तब मीडिया वालों ने उनसे कहा था कि आप लोगों के निजी मामलों में घुस रहे हैं। आज निजी मामलों को टेलीविजन का मामला बना दिया गया है। बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी भाजपा के पहले नेता हैं जिन्‍होंने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा है कि इस मामले में प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए।

उन्‍होंने कहा- ”मैं तो इसमें व्‍यक्‍ितगत क्‍या बोल सकता हूं। आरोप आए हैं। एक से नहीं, अनेक से। वो मंत्री हैं और मंत्री प्रधानमंत्री ने बनाया है। मैं इसमें क्‍या बोलूंगा। मैंने पहले ही कहा है कि मैं मीटू के समर्थन में हूं। मैं ये बुरा नहीं मानता हूं कि बहुत दिनों के बाद आया। उस समय माहौल नहीं था। मुझे याद है कि मैंने भी 20 साल पहले कई पॉलिटिशियन के बारे में सवाल उठाया था, जहां उन्‍होंने महिलाओं का शोषण किया था। तब प्रेस ने कहा कि तुम बहुत पर्सनल हो रहे हो। पर्सनल बातों में नहीं जाना चाहिए। आज जमाना बदल गया है। आज पर्सनल को टेलीविजन लायक बना दिया। अब मिनिस्‍टर हैं, हमारी पार्टी के हैं। कोई प्रवक्‍ता नहीं बोल रहा है। अब प्रधानमंत्री को इस पर बोलना चाहिए।”

इस बीच, महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि सरकार एक कमेटी बना कर मीटू के जरिए सामने आए यौन शोषण के तमाम मामलों की जांच करवाएगी। मेनका ने बताया कि उनके मंत्रालय द्वारा बनाई जाने वाली कमेटी में बड़े न्‍यायविद और कानून विशेषज्ञ शामिल होंगे। मेनका ने यह भी कहा है कि ऐसे मामले सामने लाने के लिए कोई समयसीमा नहीं होनी चाहिए

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