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इस साल मार्च से ही चलने लगेगी लू, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि इस साल मार्च में ही लू चलने लगेगी। मौसम विभाग ने कहा है कि इस बार राजधानी दिल्ली समेत देश के आधे हिस्सों में मार्च से मई के बीच पारा औसत सामान्य से ज्यादा रहेगा...

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (File Photo: PTI)

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि इस साल मार्च में ही लू चलने लगेगी। मौसम विभाग ने कहा है कि इस बार राजधानी दिल्ली समेत देश के आधे हिस्सों में मार्च से मई के बीच पारा औसत सामान्य से ज्यादा रहेगा, जिसकी वजह से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्व मानसून महीने मार्च, अप्रैल और मई सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा गर्म रहेंगे। दिल्ली के अलाना 16 राज्यों में गर्म हवाएं चलेंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मौसम विभाग का मौसमी पूर्वानुमान कहता है भीषण गर्मी वाले इलाकों में मार्च से मई के बीच अधिकतम तापमान अपने चरम पर रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार जिन इलाकों में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है, उनमें दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मराठवाड़ा, विदर्भ, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश शामिल हैं।

मौसम विभाग के अनुसार केरल, तमिलनाडु, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा का तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रह सकता है। कहीं-कहीं तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस से 1 डिग्री सेल्सियस का फर्क रह सकता है। केरल, तमिलनाडु, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और उत्तर-पूर्वी राज्यों के तापमान में इजाफा कहीं-कहीं 0.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी हो सकता है।

मौसम विभाग के चेतावनी के हिसाब से इन गर्मी वाले महीनों में खासी एहतियात बरतने की जरूरत होगी। जो लोग नौकरीपेशा है और रोजाना घर से दफ्तर तक का सफर तय करते हैं, उन्हें अपनी सेहत पर खासा ध्यान देना होगा। मौसम विभाग की तरफ से फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि इस बार मॉनसून समय पर आएगा या देरी से, लेकिन इतना जरूर है कि भीषण गर्मी देश के एक बड़े हिस्से में लोगों का गला और धरती सुखाने वाली है। भारत के ज्यादातर हिस्सों में इस कदर गर्मी पड़ने के पीछे ग्लोबल वॉर्मिंग के असर का कारण माना जा रहा है।

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