West Bengal News: पश्चिम बंगाल में नई बीजेपी सरकार 13 दिसंबर के मेसी विवाद की नए सिरे से जांच करेगी। साथ ही प्रशासन के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि कार्यक्रम के टिकटों का पैसा वापस किया जा सकता है।
सुपरस्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने पिछले साल 13 दिसंबर को ‘लियोनेल मेसी इंडिया GOAT टूर’ के दौरान कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम का दौरा किया था। हालांकि, बैठने की व्यवस्था को लेकर भ्रम और कार्यक्रम में कथित कुप्रबंधन के कारण अफरा-तफरी मच गई और भारी टिकट कीमत चुकाने के बावजूद मेसी को न देख पाने के कारण मौजूद लोगों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ की।
टिकट के पैसे वापस करने पर विचार कर रही शुभेंदु सरकार
राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नए खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक, उपस्थित लोगों को टिकट की कीमत वापस करने पर विचार कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “अगर सब कुछ ठीक रहा तो लोगों को एक महीने के भीतर टिकट के पैसे वापस मिल जाएंगे।” हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि जांच कौन करेगा।
स्टेडियम में मच गया था हंगामा
मेसी को अपने पूर्व बार्सिलोना साथी लुइज सुआरेज और पूर्व एटलेटिको मैड्रिड स्टार रोड्रिगो डी पॉल के साथ स्टेडियम पहुंचने के 25 मिनट के भीतर ही वहां से निकलना पड़ा, क्योंकि वहां हंगामा मच गया था। मेसी के साथ आए पश्चिम बंगाल के तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास पर बिना टिकट के लोगों को स्टेडियम में प्रवेश देने का आरोप लगा, जिससे महंगे टिकट खरीदने वाले हजारों फैंस नाराज हो गए। इसके चलते हंगामा और तोड़फोड़ हुई और एक घंटे का यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
कार्यक्रम के आयोजक सतद्रु दत्ता ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक हस्तक्षेप, सुरक्षा में चूक और प्रशासनिक खामियों के कारण यह गड़बड़ी हुई। दत्ता को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर कोलकाता एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया था और वे 38 दिनों तक हिरासत में रहे। उनका दावा है कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया था।
कार्यक्रम के आयोजक ने टीएमसी पर बोला हमला
पश्चिम बंगाल चुनावों में टीएमसी की हार के बाद दत्ता ने इस घटना पर खुलकर अपनी राय रखी। विधानसभा चुनावों में अरूप बिस्वास की हार का जिक्र करते हुए दत्ता ने फेसबुक पर लिखा, “चुनाव हारने से यह मत समझिए कि आपको सजा मिल गई है। मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगा। मैं अंत तक लड़ूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने बार-बार बिस्वास से कहा कि वह यहां तस्वीरें न खींचे। लेकिन उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए तस्वीरें खींचीं। उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अपने ही लोगों को घुसपैठ कराते हुए वह मजे ले रहा है। मेरी चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी। पुलिस भी चुपचाप खड़ी रही।”
इससे पहले मंगलवार को नए खेल मंत्री ने घटना की नए सिरे से जांच का संकेत दिया था और आरोप लगाया था कि पिछली टीएमसी सरकार के तहत राजनीतिकरण और वीआईपी कल्चर के कारण राज्य में खेलों को नुकसान हुआ था। युवा मामले एवं खेल मंत्री का पदभार संभालने के बाद प्रमाणिक ने पत्रकारों से कहा था, “यह बहुत दुखद घटना थी। मैंने फाइल मंगवा ली है और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री से भी बात करूंगा। हम कुछ ऐसा करने का प्रयास करेंगे जिससे मेसी वाली घटना से उपजे दर्द को कम किया जा सके।”
शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर खान को दी चेतावनी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस के तथाकथित पुष्प जहांगीर खान को चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने जहांगीर खान को नामित कुख्यात अपराधी बताया और कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उसके मामले को देखेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
