Maharashtra Politics: अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को शरद पवार के गुट के विलय की संभावनाओं पर चुप्पी साधे रखी। वहीं इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें निकट भविष्य में ऐसा होने की संभावना नहीं दिखती है।

दूसरी तरफ शरद पवार की पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि 28 जनवरी को विमान हादसे में मारे गए अजित पवार दोनों गुटों के फिर से विलय की इच्छा रखते थे, लेकिन पार्टी प्रमुख शरद पवार ने माना कि अब इस प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार शाम को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में महायुति सरकार के हिस्से के तौर पर अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर अपने विचार पूछे जाने पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, “व्यक्तिगत रूप से मुझे ऐसा होता हुआ नहीं दिखता।”

ये भी पढ़ें: क्या डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए तैयार नहीं थीं सुनेत्रा पवार, फिर क्यों मान गईं?

शरद पवार की पार्टी ने जनता का विश्वास खो दिया- पीयूष गोयल

गोयल ने कहा कि एनसीपी का नेतृत्व “पहले अजीत पवार के साथ था और अब सुनेत्रा पवार जी के साथ है।” उन्होंने आगे बताया कि प्रफुल पटेल को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि शरद पवार को एनसीपी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने जनता का विश्वास और वोट खो दिया है।”

मुंबई में एनसीपी के नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण से पहले हुई एक मीटिंग से निकलते हुए तटकरे ने कहा, “इस मामले पर अभी हमारे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।” एनसीपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदर स्थिरता बनाए रखना है।

पिछले चार महीने से चल रही थी चर्चा- शरद पवार

एनसीपी (SP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा कि अजित पवार और एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल पिछले चार महीनों से विलय की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं। पवार के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सभी चर्चाएं उनके स्तर पर हुईं, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि विमान दुर्घटना के बाद प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन दुर्घटना ने प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया।”

उन्होंने आगे कहा, “दोनों गुटों को एकजुट करना अजित की इच्छा थी और अब हमारी इच्छा है कि उनकी यह इच्छा पूरी हो।” जयंत पाटिल ने दावा किया कि विलय का रोडमैप जनवरी के मध्य में अंतिम रूप दे दिया गया था और 12 फरवरी को इसकी औपचारिक घोषणा होने वाली थी। पाटिल ने बताया कि उन्होंने अजित पवार के साथ कई बैठकें कीं।

ये भी पढ़ें: अजित पवार के पास था यह बड़ा मंत्रालय, सुनेत्रा के साथ बीजेपी ने कर दिया ‘खेल’