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BSNL-MTNL मर्जर पर राहुल गांधी का सरकार पर वार- ये कंपनियां ‘क्रोनी कैपिटलिस्ट्स’ को सस्ते में बेचने की तैयारी है

दरअसल, सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 68,751 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज को बुधवार को मंजूरी दे दी।

Author नई दिल्ली | Updated: October 23, 2019 10:10 PM
बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा। (फाइल फोटो-PTI)

बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि यह सार्वजनिक क्षेत्र की इन दोनों दूरसंचार कंपनियों को ‘क्रोनी कैपिटलिस्ट’ (सांठगांठ वाले पूंजीपतियों) को सस्ते दाम पर बेचने की तैयारी है।

गांधी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘ पहला कदम: विलय। दूसरा कदम: कुप्रबंधन। तीसरा कदम: भारी घाटा दिखाना। चौथा कदम: सांठगांठ वाले पूंजीपतियों को सस्ते दाम पर बेच देना।’’ दरअसल, सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 68,751 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज को बुधवार को मंजूरी दे दी। इसमें एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय, कर्मचारियों के लिये स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) और 4जी स्पेक्ट्रम आवंटन शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पैकेज से जुड़ी जानकारियां साझा करते हुए कहा कि बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय को मंजूरी दे दी गई है। विलय प्रक्रिया पूरी होने तक एमटीएनएल प्रमुख दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की अनुषंगी के रूप में काम करेगी।

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