जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान जा रही हैं। अयातुल्ला अली खमेनेई 28 फरवरी को अमेरिकी – इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक में मारे गए थे। महबूबा मुफ्ती को मुजतबा अली खामेनेई के कार्यालय से अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। मुजतबा खामेनेई अपने पिता की हत्या के बाद ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने थे।

अंतिम संस्कार में शामिल होने वाली अकेली भारतीय गैर-शिया राजनीतिक नेता

महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की अकेली गैर-शिया राजनीतिक नेता हैं जो अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। महबूबा मुफ्ती को निमंत्रण मिलना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि उन्होंने युद्ध के दौरान ईरान के समर्थन में स्टैंड लिया था, जो केंद्र सरकार के अधिकारिक न्यूट्रल स्टैंड के खिलाफ था।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के वरिष्ठ नेता वहीद पारा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “महबूबा मुफ्ती ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। वह ईरान जाकर उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि देंगी और ईरान के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताएंगी।”

स्पेशल प्लेन से रवाना हुईं मुफ्ती

गुरुवार दोपहर को महबूबा मुफ्ती श्रीनगर से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं, जहां से वह तेहरान के लिए एक स्पेशल प्लेन में सवार होंगी। वहीद पारा ने कहा, “क्योंकि ईरान के लिए फ्लाइट्स नहीं जा रही हैं, इसलिए ईरान सरकार ने मेहमानों के लिए एक स्पेशल प्लेन भेजा है।महबूबा मुफ्ती उसी फ्लाइट से दिन में बाद में ईरान जा रही हैं।”

ईरान और अमेरिकी – इजरायल की सेनाओं के बीच युद्ध की शुरुआत से ही ईरान के पक्ष में और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ महबूबा मुफ्ती ने रुख अपनाया था। महबूबा मुफ्ती ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या पर अपनी संवेदनाएं जताने के लिए नई दिल्ली में ईरान एम्बेसी भी गई थीं।

ईरान के सुप्रीम लीडर के कार्यालय के इंटरनेशनल रिलेशंस डिपार्टमेंट के डायरेक्टर मोहसेन कुम्मी ने महबूबा मुफ्ती को लिखे अपने पत्र में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान और रिपब्लिक ऑफ इंडिया को जोड़ने वाले गहरे ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्तों को देखते हुए मैं आपको भारतीय राष्ट्र के एक खास मेहमान के तौर पर इस खास समारोह में शामिल होने के लिए बुलाना बहुत सम्मान की बात समझता हूं।”

6 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार

एयरस्ट्राइक में अपने परिवार के कई सदस्यों के साथ मारे जाने के चार महीने बाद खामेनेई को 6 जुलाई को तेहरान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मारे गए नेता के लिए 3 जुलाई को एक विदाई समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री (MoS) पवित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ऑफिशियल डेलीगेशन के हिस्से के तौर पर ईरान जाएंगे।

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