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महबूबा की राय सेना के खिलाफ, आतंकियों के समर्थन में बता लगाया पीएसए, बेटी बोलीं- सत्ता के नशे में चूर है सरकार

डॉजियर में महबूबा मुफ्ती के उस ट्वीट का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने तीन तलाक कानून का विरोध करते हुए भाजपा सरकार का विरोध किया था। इसके साथ ही उन्होंने देश में मुसलमानों की लिंचिंग पर भी तीखी टिप्पणी की थी।

उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर लगा PSA।

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने गुरूवार को राज्य की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत 4 लोगों पर PSA (Public Safety Act) लगाने का फैसला किया था। PSA के डॉजियर के मुताबिक महबूबा मुफ्ती के खिलाफ यह कार्रवाई सेना के खिलाफ कथित बयानबाजी, आतंकी समर्थक ट्वीट और अलगावादी नेताओं के साथ सहयोग करने के चलते की गई है।

डॉजियर में कहा गया है कि ऐसी खूफिया रिपोर्ट थीं कि महबूबा मुफ्ती अलगाववादियों के साथ सहयोग कर रहीं थी। महबूबा मुफ्ती के उन बयानों को भी डॉजियर में शामिल किया गया है, जिनमें उन्होंने आतंकियों की मौत के बाद उनके शव को सम्मानपूर्वक रखने और भारतीय सेना पर केमिकल हथियार इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

डॉजियर में महबूबा मुफ्ती के उस ट्वीट का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने तीन तलाक कानून का विरोध करते हुए भाजपा सरकार का विरोध किया था। इसके साथ ही उन्होंने देश में मुसलमानों की लिंचिंग पर भी तीखी टिप्पणी की थी।

PSA डॉजियर में आर्टिकल 370 और 35ए को लेकर महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला द्वारा दिए गए बयानों को भी आधार बनाया गया है। द हिंदू ने डॉजियर के हवाले से बताया है कि केन्द्र सरकार द्वारा आर्टिकल 370 के प्रावधान हटाने के कदम के खिलाफ पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती काफी मुखर रहीं।

डॉजियर में महबूबा मुफ्ती के कई विवादित भाषणों को भी शामिल किया गया है। इन्हीं में से एक भाषण में 29 जुलाई को मुफ्ती ने कहा था कि “आर्टिकल 35ए के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने के बराबर होगा। जो हाथ 35ए के साथ छेड़छाड़ करने के लिए उठेंगे, वो हाथ ही नहीं वो सारा जिस्म जल के राख हो जाएगा।”

पीडीपी चीफ ने दावा किया था कि यदि आर्टिकल 370 को हटाया गया तो जम्मू कश्मीर में कोई भी राष्ट्रध्वज फहराने के लिए नहीं बचेगा।

इसी तरह उमर अब्दुल्ला के पूर्व के बयानों को भी PSA लगाने का कारण बताया गया है। इसमें आर्टिकल 370 हटाने पर कश्मीर के भारत में विलय पर फिर से बहस छिड़ने जैसी चेतावनी भी शामिल है।

वहीं महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘जम्मू कश्मीर में केन्द्र सरकार की गैरकानूनी कार्रवाई का विरोध करना उनका अपराध था। संदेश साफ है कि भाजपा की आलोचना अपने रिस्क पर करें।’

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