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केंद्र को बुरा लगेगा तो पद छोड़ दूंगा, पर बोलना नहीं छोड़ूंगा- लगातार किसानों के समर्थन में बोल रहे गवर्नर सतपाल मलिक की दो टूक

सत्यपाल मलिक ने कहा, "मुझे लगता है कि मेरे बयानों से पार्टी को नुकसान की जगह फायदा होगा, क्योंकि इससे किसानों को भी यह लगेगा कि सरकार में कोई तो उनकी बात कर रहा है। इसे लेकर मैंने पीएम मोदी और गृहमंत्री से बात की है, सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए।"

farmers protest, farm lawसभा को संबोधित करते मेघालय के राज्यपाल सत्य पाल मलिक। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

मेघालय के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने किसानों के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि वे वही बात करते हैं जो सही और उचित है। कहा “अगर केंद्र सरकार को ऐसा लगता है कि मैं उनका नुकसान कर रहा हूं, तो मैं गवर्नर पद तुरंत छोड़ दूंगा। राज्यपाल के पद से हटने के बाद मैं अपनी बात खुलकर रखूंगा।” वे बोले कि केंद्र सरकार को किसानों से तुरंत बात करनी चाहिए। इससे सरकार को भी फायदा होगा और पार्टी को भी लाभ मिलेगा। लंबे समय तक किसानों के मुद्दे को रोके रखने से बहुत नुकसान होगा।

किसान आंदोलन को लेकर भाजपा में मुखर हुए सत्यपाल मलिक ने कहा, “मुझे लगता है कि मेरे बयानों से पार्टी को नुकसान की जगह फायदा होगा, क्योंकि इससे किसानों को भी यह लगेगा कि सरकार में कोई तो उनकी बात कर रहा है। इसे लेकर मैंने पीएम मोदी और गृहमंत्री से बात की है, सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने जो कुछ बोला है, वह सही बात है कि वह हमारी पार्टी और हमारी सरकार के काम आने वाला है। हमारे नहीं बोलने से पूरा टर्म हमने अपने विरोधियों को दे दिया, वही घूम रहे है, वही बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और सरकार के बीच बातचीत से यह मामला जल्द से जल्द हल हो सकता है। कहा कि दोनों पक्षों में इसको लेकर समझदारी बन गी है। बहुत कम दूरी है। इसलिए इसे हल करना कठिन नहीं है।

उन्होंने बताया, “मैं कल एक बड़े पत्रकार से मिला, जो प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्त हैं। उनसे कहा कि मैंने तो कोशिश कर ली, लेकिन अब तुम उनको समझाओ ये गलत रास्ता है। किसानों को दबाकर, अपमानित करके दिल्ली से भेजना, पहले तो ये जाएंगे नहीं, ये जाने के लिए नहीं आए हैं, दूसरा चले गए तो 300 साल भूलेंगे नहीं। लिहाजा इन्हें कुछ दिया जाए।”

इससे पहले एक सभा में उन्होंने कहा, “जब कोई जानवर मरता है तो भी संवेदना प्रकट की जाती है, लेकिन यहां तो 250 किसान मरे हैं, जिनके लिए अब तक किसी ने कोई संवेदना व्यक्त नहीं की।” उन्होंने कहा कि “अगर किसान आंदोलन ऐसे ही चलता रहा तो पश्चिमी यूपी, हरियाणा और राजस्थान में बीजेपी को बड़ा नुकसान होगा।”

मलिक ने कहा कि इस मसले पर हालात ऐसे हैं कि बीजेपी नेता अपने गांव से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। क्योंकि उनका विरोध हो रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट नेता सत्यपाल मलिक पहले भी किसानों के मुद्दे पर ऐसे बयान दे चुके हैं। वह किसान आंदोलन की शुरुआत से ही सरकार के रवैये से नाखुश हैं।

उन्होंने कहा था कि किसानों का अपमान नहीं किया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि किसानों का अपमान नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें कदम पीछे खींचने के लिए मजबूर किया जा सकता है। सलाह दी कि वो मौजूदा संकट के समाधान के लिए सरकार किसानों से बात करे।

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