टीएमसी में शामिल हुए मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री बोले, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरे पूर्वोत्तर में राजनीतिक आधार बढ़ाएगी पार्टी

मुकुल संगमा ने कहा कि मैं क्षेत्र में अन्य राज्यों के नेताओं के साथ बातचीत कर रहा हूं। हमारे राजनीतिक फैसले के बाद से वे मुझसे मिल रहे हैं। यह दिखाता है कि वे अपने-अपने राज्यों में कुछ नये की तलाश कर रहे हैं।

मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा कि टीएमसी आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वोत्तर में अपना आधार बढ़ाएगी। (एक्सप्रेस फोटो)

पिछले दिनों कांग्रेस छोड़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा कि टीएमसी 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले पूरे पूर्वोत्तर में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की योजना बना रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के साथ ही पूरे क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदलने वाले हैं 

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में मुकुल संगमा ने कहा कि मैं क्षेत्र में अन्य राज्यों के नेताओं के साथ बातचीत कर रहा हूं। हमारे राजनीतिक फैसले के बाद से वे मुझसे मिल रहे हैं। यह दिखाता है कि वे अपने-अपने राज्यों में कुछ नये की तलाश कर रहे हैं। छह बार विधायक रह चुके संगमा ने कहा कि विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष चार्ल्स पिंगरोप संभवत: टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष होंगे जबकि वह बतौर विधायक दल के नेता सरकार को घेरने के साथ ही अन्य पड़ोसी राज्यों में पार्टी के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

मुकुल संगमा ने कहा कि एक नए राजनीतिक दल में शामिल होने का फैसला लंबे समय से लंबित था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के रवैये के परिणामस्वरूप कई नेता पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं। दो बार मुख्यमंत्री रहे संगमा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वयं को किसी राजनीतिक संगठन के साथ जोड़ने का एक उद्देश्य होता है। राज्य में टीएमसी नेतृत्व सर्वसम्मत दृष्टिकोण और जिम्मेदारी के साथ मजबूत है।

उन्होंने कहा कि राजनीति मुश्किल काम है और जब आप नेता बनने का फैसला करते हैं तो आप अपने ऊपर एक ऐसी जिम्मेदारी लेते हैं जो सभी स्तरों पर स्वीकार्यता पैदा करने के इर्द-गिर्द घूमती है। यह विश्वास जताते हुए कि मेघालय के लोगों को तृणमूल कांग्रेस को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं होगी संगमा ने कहा कि राज्य में पार्टी नई नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि क्या मेघालय के लोग टीएमसी को स्वीकार करेंगे तो संगमा ने कहा कि मुझे अपने लोगों पर भरोसा है। मैं उन्हें जानता हूं। मेरा विश्वास और आत्मविश्वास मुझे ताकत देता है। हालांकि संगमा ने कहा कि एक विकल्प देने का मतलब यह भी है कि बहुत मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह समय आराम करने का नहीं है। 2022 में विधानसभा चुनाव और 2024 में लोकसभा चुनाव है और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

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