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पॉल्यूशन पर संसद की बहस में नहीं पहुंचे अधिकारी, स्टाफ तो स्पीकर ने लगायी झाड़, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बीते दिनों प्रदूषण के मुद्दे पर ही संसद भवन में संसदीय स्थायी समिति की बैठक होनी थी। इस बैठक में भी एमसीडी के तीन कमिश्नर, डीडीए के उपाध्यक्ष और पर्यावरण विभाग के संयुक्त सचिव जैसे अहम अधिकारी शामिल नहीं हुए थे।

Author नई दिल्ली | Published on: November 19, 2019 9:33 PM
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (ani image)

प्रदूषण की समस्या दिल्ली में गंभीर हो गई है। यही वजह है कि संसद के शीतकालीन सत्र में चर्चा के दौरान प्रदूषण का मुद्दा छाया हुआ है। वहीं प्रदूषण के मुद्दे पर संसद में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कई अधिकारी और स्टाफ नदारद रहे। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। लोकसभा स्पीकर ने अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। वहीं संसद में प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा दिल्ली में हर साल प्रदूषण की समस्या होती है, लेकिन सरकार या सदन की तरफ से इस दिशा में कोई आवाज क्यों नहीं उठती? क्यों लोग हर साल प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं? यह बहुत ही चिंता का विषय है।

बीते दिनों प्रदूषण के मुद्दे पर ही संसद भवन में संसदीय स्थायी समिति की बैठक होनी थी। इस बैठक में भी एमसीडी के तीन कमिश्नर, डीडीए के उपाध्यक्ष और पर्यावरण विभाग के संयुक्त सचिव जैसे अहम अधिकारी शामिल नहीं हुए थे। इस पर संसद की स्थायी समिति ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी और फिर बैठक को ही स्थगित कर दिया गया था।

वहीं भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का ठीकरा दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर फोड़ दिया। प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली के सीएम प्रदूषण के लिए किसानों के पराली जलाने को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और यह बताने के लिए अखबारों में करोड़ों रुपए के विज्ञापन छपवा रहे हैं। दिल्ली से ही भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने संसद में प्रदूषण के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि पराली जलाना एक समस्या है, लेकिन सिर्फ किसानों के पराली जलाने को प्रदूषण का जिम्मेदार ठहराने से कोई मदद नहीं मिलेगी।

बता दें कि गौतम गंभीर प्रदूषण के मुद्दे पर ट्रोल्स के निशाने पर हैं। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण को लेकर बीते दिनों संसदीय समिति की एक बैठक हुई थी, जिसमें गंभीर शरीक नहीं हुए थे। इस पर सफाई देते हुए गंभीर ने कहा कि मैं जानता हूं कि यह बैठक बेहद अहम थी, लेकिन मैं बंधा हुआ था। मैंने जनवरी में कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था और मैं राजनीति में अप्रैल में आया था। इसलिए मुझे कॉन्ट्रैक्ट के चलते कमेंट्री के लिए जाना पड़ा।

गंभीर कमेंट्री के दौरान जलेबी खाते नजर आए थे। जिसे लेकर ट्रोल्स ने उन पर निशाना साधा था। इस पर गंभीर ने कहा कि अगर मेरे जलेबी खाने से दिल्ली का प्रदूषण बढ़ रहा है तो मैं हमेशा के लिए जलेबी खाना छोड़ सकता हूं।

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