सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन को बड़ी राहत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव में अपने नामांकन पत्र को रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्र रद्द करने का फैसला बरकरार रहा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चुनावी प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इलेक्शन पिटीशन हाईकोर्ट में दाखिल कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन की याचिका को मामले के गुण-दोष (मेरिट) के आधार पर नहीं बल्कि उसकी मेंटेनेबिलिटी (सुनवाई योग्य होने) के आधार पर खारिज किया गया है। अदालत ने कहा कि वह इस चरण में मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। साथ ही, शीर्ष अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि उसके इस फैसले का मीनाक्षी नटराजन द्वारा भविष्य में दायर की जाने वाली इलेक्शन पेटिशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और वह कानून के तहत उपलब्ध अन्य विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती हैं।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पीठ ने कहा, ”यदि अदालत यह तय करने लगे कि किन मामलों में नामांकन रद्द किया जाना इतना गलत है कि वह सीधे अनुच्छेद 32 या 226 के तहत हस्तक्षेप कर सकती है, और किन मामलों में उम्मीदवार को चुनाव याचिका का रास्ता अपनाना चाहिए, तो अदालत संविधान के अनुच्छेद 329 में ऐसी व्यवस्था जोड़ रही होगी जो वहां लिखी ही नहीं गई है।”

बेंच ने कहा, ”हमें डर है कि ऐसी किसी भी व्याख्या को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता जिसके तहत कुछ मामलों में यह अदालत हस्तक्षेप करे और कुछ अन्य मामलों में पक्षकारों को चुनाव न्यायाधिकरण का सहारा लेने के लिए छोड़ दे।” भारतीय संविधान का अनुच्छेद 329 चुनाव संबंधी मामलों में अदालतों के हस्तक्षेप पर रोक लगाता है ताकि न्यायिक देरी के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो। 

फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन का बयान

कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी ने कहा कि चुनाव आयोग मिला हुआ है और हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने EC पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले वोट चोरी हो रही थी और अब सीट चोरी हो रही है। उन्होंने अपने राज्यसभा नामांकन के रद्द होने को राज्य सरकार और चुनाव आयोग की साजिश करार दिया।

कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की तरफ से रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के विरुद्ध बताया गया।

आज जंतर-मंतर पर कांग्रेस का प्रदर्शन

मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने के विरोध में आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘सत्याग्रह’ प्रदर्शन करेगी।