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अब सामने आई मेडिकल रिपोर्ट: पैलेट गन इंज्यूरी को बताया कश्मीरी युवक की मौत की वजह, पुलिस कह रही पत्थर से मरा था

पिछले हफ्ते ही राज्य के एडीजी (लां एंड ऑर्डर) मुनीर अहमद खान ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स में जोर देकर कहा था, ‘कोई गोलाबारी नहीं, कोई गोली नहीं लगी। वह पत्थर से मारा गया था और मुझे इस पर यकीन है।’

शेर-ए-कश्मीर इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से जारी उसकी डेथ सर्टिफिकेट से खुलासा हुआ है कि असरार की मौत पैलेट इन्ज्यूरी विद शेल ब्लास्ट इन्ज्यूरी से हुई है। (फोटो सोर्स- द प्रिंट)

श्रीनगर के एलाहीबाग इलाके के छात्र असरार अहमद की मौत पर विवाद गहरा गया है। मेडिकल रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उसकी मौत पैलेट इंज्यूरी से हुई है, जबकि पुलिस दावा करती रही है कि असरार की मौत पत्थरबाजी में चोट लगने से हुई है। असरार का परिवार पुलिस दावे को झूठा करार देता रहा है। शेर-ए-कश्मीर इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से जारी उसकी डेथ सर्टिफिकेट से खुलासा हुआ है कि असरार की मौत पैलेट इन्ज्यूरी विद शेल ब्लास्ट इन्ज्यूरी से हुई है। सर्टिफिकेट पर लिखा गया है कि असरार को 06 अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसकी डेथ डेट तीन सितंबर रात 8.15 बजे अंकित है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उसके चेहरे और आंखों पर पैलेट गन इंज्यूरी थी। ‘द प्रिंट’ ने मेडिकल सर्टिफिकेट की कॉपी छापी है।

इससे पहले ‘द टेलीग्राफ’ और ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि असरार अहमद की मौत पैलेट गन इंज्यूरी से हुई है। करीब एक महीने तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद पिछले हफ्ते उसकी मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने उसकी दो बार सर्जरी की थी। इसके बाद असरार के परिजनों को उम्मीद थी कि अब वह बच जाएगा। 17 वर्षीय असरार काफी होनहार था। उसने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 10 में से 9 प्वाइंट हासिल किए थे। मैथ और साइंस में 100 में से 100 अंक हासिल किए थे। वह डॉक्टर बनना चाहता था और क्रिकेट टीम के कैप्टन विराट कोहली का फैन था।

पिछले हफ्ते ही राज्य के एडीजी (लां एंड ऑर्डर) मुनीर अहमद खान ने उन आरोपों का खंडन किया था कि असरार की मौत सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए पैलेट गन से हुई है। पुलिस अधिकारी ने दावा किया था कि असरार अहमद पत्थरबाजी की घटना में घायल हुआ था। इससे उसकी मौत हुई है लेकिन राज्य के बड़े अस्पताल से जारी मेडिकल सर्टिफिकेट ने सारे विवाद पर से पर्दा हटा दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेन्स में एडीजी ने जोर देकर कहा था, ‘कोई गोलाबारी नहीं, कोई गोली नहीं लगी। वह पत्थर से मारा गया था और मुझे इस पर यकीन है।’

‘द टेलीग्राफ’ और ‘द वायर’ के रिपोर्टर ने असरार अहमद के परिजनों से मुलाकात कर उसकी मेडिकल प्रूफ हासिल किए थे। उसमें एक्सरे रिपोर्ट, स्केलटन रिपोर्ट और अस्पताल में एडमिट होने की पर्ची थी, जो साफतौर पर इस बात की तस्दीक कर रहे थे कि असरार अहमद को पैलेट गन इंज्यूरी हुई थी। बावजूद पुलिस मामले पर पर्दा डालती रही। बता दें कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के अगले दिन 6 अगस्त की शाम करीब पांच बजे अपने घर के पास ही दोस्तों संग क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान उसकी गेंद 90 फुटा रोड पर चली गई जहां असरार बाउंड्री पार कर पहुंचा था। वहां से सीआरपीएफ की टुकड़ी पार कर रही थी। असरार के भाई के मुताबिक, वह वहीं पर था। अचानक सुरक्षाकर्मियों ने कहना शुरू कर दिया कि कर्फ्यू लग गया है, सब लोग चले जाएं और तुरंत पैलेट गन से फायरिंग कर दी। इसमें रोड पर पहुंचा असरार घायल हो गया।

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