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मक्‍का मस्‍जिद ब्‍लास्‍ट: बरी हुए असीमानंद, 11 साल पहले लिखकर कबूला था गुनाह

हैदराबाद के पॉश इलाके और ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को जुमे के दिन दोपहर करीब एक बजे सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी।
साल 2007 में मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट के मामले में आरोपी स्वामी असीमानंद को एनआीए कोर्ट ने बरी कर दिया है। (फोटो- PTI)

हैदराबाद के मक्का मस्जिद में ब्लास्ट से जुड़े 11 साल पुराने मुकदमे में एनआईए कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया है। आरएसएस के पूर्व कार्यकर्ता असीमानंद को 19 नवंबर, 2010 को इस बम धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। तब असीमानंद ने लिखित तौर पर यह बात कबूल की थी कि उन्होंने और अभिनव भारत के कई सदस्यों ने मिलकर मक्का मस्जिद धमाके की साजिश रची थी और उसे अंजाम तक पहुंचाया था। हालांकि, गिरफ्तारी के सात साल बाद कोर्ट ने 23 मार्च, 2017 को उन्हें जमानत दे दी थी।

बता दें कि हैदराबाद के पॉश इलाके और ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को जुमे के दिन दोपहर करीब एक बजे सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। हैदराबाद पुलिस की शुरुआती जांच के बाद इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई अधिकारियों ने उस वक्त 68 चश्मदीद की गवाही दर्ज की थी। इनमें से 54 गवाह बाद में कोर्ट में अपनी गवाही से मुकर गए। इसके बाद 2011 में मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया था। एनआईए ने मामले में कुल दस लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें असीमानंद के अलावा अभिनव भारत के सदस्य भी शामिल थे।

मामले में स्वामी असीमानंद के अलावा देवेन्द्र गुप्ता, लोकेश शर्मा उर्फ अजय तिवारी, लक्ष्मण दास महाराज, मोहनलाल रतेश्वर और राजेंद्र चौधरी को जांच एजेंसी ने अभियुक्त बनाया था। इनके अलावा दो आरोपी रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे अब भी फरार है। एक प्रमुख अभियुक्त और आरएसएस के कार्यवाहक सुनील जोशी को जांच के दौरान ही गोली मार दी गई थी। असीमानंद अजमेर ब्लास्ट, मालेगांव धमाके और समझौता धमाके में भी आरोपी रह चुके हैं। अजमेर ब्लास्ट केस में वो बरी हो चुके हैं जबकि मालेगांव और समझौता धमाके में जमानत पर हैं।

इधर, कोर्ट का फैसला आने के बाद इस मसले पर राजनीति शुरू हो गई है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि वोटों के खातिर कांग्रेस ने हिन्दू धर्म को बदनाम किया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इसके लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का आज पर्दाफाश हो गया है।

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