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#MeToo Movement: एमजे अकबर ने जर्नलिस्‍ट प्रिया रमानी के खिलाफ कोर्ट में ठोका मानहानि का मुकदमा

Me Too Campaign Movement in India Hindi: एमजे अकबर ने अपने उपर महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताया है। सोमवार को उन्होंने महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया।

एमजे अकबर ने जर्नलिस्‍ट प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया। (Photo: PTI)
सोशल मीडिया पर शुरू हुए मी टू कैंपेन के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री एमजे अकबर पर देश की कई महिला पत्रकारों ने छेड़छाड़ व यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। आरोप में बताया गया है कि एमजे अकबर ने ऐसा तब किया, जब वे मीडिया में थे। हालांकि, आरोपों के वक्त एमजे अकबर देश से बाहर थे और उनकी किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई थी। लेकिन देश लौटने के बाद उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और आधारहीन बताया। साथ ही उन्होंने इस मामले में अब कानूनी कार्रवाई का फैसला किया है। सोमवार (15 अक्टूबर) को उन्होंने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ अपने वकील कंजरवाला एंड कंपनी के माध्यम से मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कहा कि इससे मेरी छवि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही मानहानि प्रावधान के तहत कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि प्रिया रमानी ने हाल में उनके ऊपर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।

दरअसल, इंडिया टुडे, इंडियन एक्सप्रेस और मिंट में काम कर चुकी प्रत्रकार प्रिया रमानी ने मी टू कैंपेन के तहत एमजे अकबर पर होटल के कमरे में बुलाने का अारोप लगाया है। वर्ष 2017 में उन्होंने एक लेख के माध्यम से कहा था कि, “जिस समय की यह घटना है, उस समय मेरी उम्र 23 साल थी और एमजे अकबर की 43 साल। एमजे अकबर ने एक जॉब के लिए इंटरव्यू के सिलसिले में मुझे मुंबई के एक होटल के कमरे में मिलने के लिए बुलाया था। वह इंटरव्यू कम और डेटिंग ज्यादा थी। वहां एमजे अकबर ने मुझे ड्रिंक ऑफर किया। बेड पर बैठने को कहा था।” हालांकि, जिस समय यह लेख लिखा गया था, उस समय एमजे अकबर का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया था। लेकिन कुछ समय पहले रमानी ने उस लेख को शेयर करते हुए एमजे अकबर का नाम लिखा। बताया कि मेरा यह अनुभव एमजे अकबर के साथ था।

Being a teenager in M.J. Akbar’s newsroom. My account of sexual harassment. https://t.co/t2f3Axbhck

— Priya Ramani (@priyaramani) October 14, 2018

बता दें कि सिर्फ प्रिया रमानी ने ही नहीं, बल्कि करीब एक दर्जन महिला पत्रकारों ने मी टू कैंपेन के तहत एमजे अकबर पर यौन दुर्व्यवहार का अारोप लगाया है। गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजु भारती, शुतापा पॉल उन पत्रकारों में शामिल हैं, जिन्होंने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। कथित तौर पर एमजे अकबर ने ऐसा तब किया जब वे पत्रकार थे। हालांकि, इन आरोपों पर सफाई देते हुए एमजे अकबर ने कहा, “ये सारे आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और आधारहीन हैं। 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले मी टू तूफान क्यों उठा है? क्या कोई एजेंडा है? झूठ के पांव नहीं होते हैं, लेकिन उसमें जहर तो हाेता ही है, जिसे छोड़ा जा सकता है। जिस तरह से आरोप लगाए गए हैं, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। एशियन एज का दफ्तर छोटा था। कई सारे सहकर्मी उनके बगल में बैठते थे। ऐसे के कुछ भी गलत होता तो सभी को पता चलता। ये सारे आरोप गलत हैं।”

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