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Me Too Campaign: जानिए क्‍या है मी टू मूवमेंट, कब, कहां और कैसे हुई शुरुआत

Me Too Campaign Movement in India Hindi: इस मूवमेंट में महिलाएं #MeToo के साथ कुछ स्क्रीन शॉट्स भी शेयर कर रही हैं। भारत में इसकी शुरूआत तनुश्री दत्ता ने की थी। उन्होंने नाना पाटेकर पर आरोप लगाए थे।

सरकार ने 2013 में एक कानून बनाया था। इसके बाद कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 अस्तित्व में आया।

Me Too Movement in India: मी टू कैंपेन आजकल खूब चर्चा में है। इस कैंपेन में महिलाएं अपने साथ वर्कप्लेस पर होने वाले व्यवहार को सामने ला रही हैं, कि किस तरह के माहौल में उनको काम करना पड़ रहा है। कैसी कैसी दिक्कतें आ रही हैं या आ चुकी हैं। इस कैंपेन के जरिए अपने साथ होने वाली घटनाओं के बारे में महिलाएं सोशल मीडिया में लिख रही हैं। इस मूवमेंट में महिलाएं #MeToo के साथ कुछ स्क्रीन शॉट्स भी शेयर कर रही हैं। भारत में इसकी शुरूआत तनुश्री दत्ता ने की थी। उन्होंने नाना पाटेकर पर आरोप लगाए थे। भारत में यह मूवमेंट 2017 में शुरू हुआ।

यह कैंपेन अभी का नहीं है। इसकी शुरूआत 2006 में हुई थी। इस कैंपेन की शुरूआत हॉलीवुड से हुई थी। इसकी शुरूआत अमेरिकी सिविल राइट्स एक्टिविस्ट तराना बर्क ने की थी। भारत में मी टू कैंपेन शुरू होने के बाद से अब तक कई बड़ी बॉलीवुड हस्तियों के नाम इसमें सामने आ चुके हैं इनमें विकास बहल, चेतन भगत, रजत कपूर, कैलाश खैर, जुल्फी सुईद, आलोक नाथ, सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, तमिल राइटर वैरामुथु और मोदी सरकार में मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं।

सरकार ने 2013 में एक कानून बनाया था। इसके बाद कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 अस्तित्व में आया। किसी महिला का लैंगिग उत्पीड़न हुआ है तो वह आईपीसी की धारा 354(ए) के तहत शिकायत दर्ज करवा सकती है। इसमें 5 साल की सजा का प्रावधान है।

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