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जानिए कौन हैं बदरुद्दीन अजमल, जिनकी सेना प्रमुख ने की भाजपा से तुलना: 200 करोड़ है परिवार की संपत्ति, बीजेपी का डोनेशन 290 करोड़

अजमल का परिवार एशिया का सबसे अमीर एनजीओ (मरकज़-उल मारिस) चलाता है। इसके अलावा परिवार के नाम पर एशिया का सबसे बड़ा चैरिटेबल अस्‍पताल- 500 बिस्‍तर का हाजी अब्‍दुल माजिद मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भी है।

असम की धुबरी लोकसभा सीट से सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल। (Express File photo by Renuka Puri)

मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने 2005 में ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फंट (AIUDF) की नींव डाली। इसी दल को लेकर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बुधवार (21 फरवरी) को बयान दिया कि ”वहां (असम) AIUDF नाम की एक पार्टी है। अगर आप देखेंगे तो वह बीजेपी के मुकाबले बेहद तेजी से बढ़ी है।” इस दल को सर्व भारतीय संयुक्‍त गणतांत्रिक मोर्चा के नाम से भी जाना जाता है। मुख्‍य रूप से असम में सक्रिय यह पार्टी राज्‍य में ‘मुस्लिमों के हित’ में काम करने का दावा करती है। 2016 के असम विधानसभा चुनाव में AIUDF ने 126 सीटों में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की। इस चुनाव में उसका वोट शेयर 13 प्रतिशत रहा। वर्तमान में पार्टी के लोकसभा में तीन सदस्‍य हैं। इसके नेता बदरुद्दीन अजमल असम की धुबरी सीट से लोकसभा सांसद हैं। अजमल इसके अलावा असम राज्‍य जामिया-उलेमा-ए-हिन्‍द के प्रमुख व दारूल उलूम देवबंद के सदस्‍य भी हैं। मुख्‍य रूप से इत्र का कारोबार करने वाले अजमल भारत के सबसे रईस राजनेताओं में से हैं। मायनेताडॉटइंफो के अनुसार 2016 में चुनावी हलफनामे में अजमल ने 54 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें परिवार की संपत्ति जोड़ने पर यह आंकड़ा 200 करोड़ को पार कर जाता है। 2016-17 में बीजेपी को कुल 290.22 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट चंदा प्राप्‍त हुआ।

अजमल परफ्यूम की वेबसाइट के अनुसार, अजमल ने 1950 में अपना घर छोड़ा और बॉम्‍बे (अब मुंबई) चले गए। यहां वह असम से अगरवुड और दहन अल औध मंगाकर बेचने लगे। 1951 में उन्‍होंने विभिन्‍न इत्रों को मिलाना शुरू किया और 1964 में इस चेन को ‘अजमल’ नाम दिया। 1976 में कंपनी ने दुबई में अपना काम शुरू किया। वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, 90 के दशक में कंपनी ने कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन जैसे मध्‍य-पूर्व के देशों में कारोबार फैलाया।

हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बदरुद्दीन अजमल का परिवार असम के नागांव जिले के होजाई कस्‍बे के अधिकतर हिस्‍से का मालिक है। इसी रिपोर्ट के अनुसार, यहां पर अजमल का महलनुमा आवास है जिसमें परिवार को मछलियां सप्‍लाई करने के लिए तालाब बनाया गया है। परिसर में बड़ा सा बागीचा है, अलग-अलग डिजाइन व रंगों की लगभग 20 गाड़‍ियां हैं और अंगरक्षकों के लिए अलग बंगला है।

अजमल का परिवार एशिया का सबसे अमीर एनजीओ (मरकज़-उल मारिस) चलाता है। इसके अलावा परिवार के पास एशिया का सबसे बड़ा चैरिटेबल अस्‍पताल- 500 बिस्‍तर का हाजी अब्‍दुल माजिद मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भी है।

अपने परिवार के साथ मिलकर बदरुद्दीन अजमल कई कंपनियां चलाता है। इनमें अजमल फ्रैगरेंसेज एंड फैशन प्राइवेट लिमिटेड, अजमल होल्डिंग एंड इनवेस्‍टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेल्‍लेजा एंटरप्राइजेज लिमिटेड, हैप्‍पी नेस्‍ट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, अल-माजिद डिस्टिलेशन एंड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड और अजमल बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है।

अजमल की राजनैतिक पार्टी AIUDF असम के 5 राजनैतिक दलों में सबसे युवा है। गठन के सिर्फ 6 महीने बाद, 2006 में पार्टी ने 10 सीटों जीतीं। 2011 में विधानसभा में पार्टी के 18 सदस्‍य हो गए, इसी चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 5 सीट हासिल हुई थीं।

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