ताज़ा खबर
 

अमेरिकी सरकार से हुई पीएम मोदी की शिकायत, राष्ट्रवाद के इस्तेमाल पर आपत्ति

मास्टर कार्ड ने अपने नोट में कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रवाद के साथ रुपे कार्ड के इस्तेमाल को जोड़ रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इस कार्ड का उपयोग एक प्रकार से राष्ट्र सेवा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo: PTI)

अमेरिकी सरकार से नरेंद्र मोदी की शिकायत करने का मामला सामने आया है। यह शिकायत मास्टर कार्ड द्वारा जून महीने में की गई है। रॉयटर ने एक डॉक्यूमेंट के हवाले से बताया है कि मास्टर कार्ड ने डोमेस्टिक पेमेंट नेटवर्क के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रवाद के उपयोग पर आपत्ति जताई है। नई दिल्ली की इस पाॅलिसी की वजह से विदेशी पेमेंट कंपनी को ठेस पहुंची है। मोदी सरकार ने पिछले कुछ सालों में भारतीय पेमेंट नेटवर्क ‘रुपे’ को बढ़ावा दिया है। इसका असर यह हुआ कि अमेरिकी की दिग्गज पेमेंट कंपनियां जैसे मास्टर कार्ड और वीजा का दबदबा कम हुआ है। भारत के 1 बिलियन डेबिट और क्रेडिट कार्ड में से आधे से अधिक अब रुपे पेमेंट सिस्टम के तहत काम कर रहे हैं। इससे मास्टर कार्ड को काफी परेशानी हो रही है।

पीएम मोदी ने स्वदेशी कार्ड पेमेंट नेटवर्क को लागू किया और कहा कि रुपे कार्ड देश की सेवा कर रहा है। इसके ट्रांजेक्शन से मिलने वाले शुल्क से देश में सड़क, स्कूल और अस्पताल के निर्माण में सहायता मिलती है। पीएम मोदी के द्वारा रुपे कार्ड को बढ़ावा देने के संदर्भ का हवाला देते हुए मास्टर कार्ड ने 21 जून को संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) को लिखा कि, “प्रधानमंत्री राष्ट्रवाद के साथ रुपे कार्ड के इस्तेमाल को जोड़ रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इस कार्ड का उपयोग एक प्रकार से राष्ट्र सेवा है।”

मास्टर कार्ड के वाइस-प्रसिडेंट सहारा इंग्लिश ने भेजे गए नोट के माध्यम से कहा, “पीएम मोदी द्वारा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का किया गया प्रयास सराहनीय था, लेकिन भारत सरकार ने वैश्विक कंपनियों के नुकसान के लिए संरक्षणवादी उपायों की एक श्रृंखला बनाई। अमेरिकी कंपनियां मोदी सरकार की संरक्षणवादी नीतियों की वजह से जूझ रही है।” रॉयटर्स ने एक अन्य नोट के हवाले से बताया, मोदी द्वारा रुपे को बढ़ावा दिए जाने की वजह से मास्टर कार्ड को काफी निराशा हुई। मास्टर कार्ड ने अपने नोट में कहा, “रुपे को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी और उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से अमेरिकी पेमेंट टेक्नोलॉजी कंपनियों को बाजार में पहुंच बनाने में समस्या पैदा हो रही है।” मास्टर कार्ड न्यूयॉर्क स्थित कंपनी है, जो पूरी दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी पेमेंट प्रोसेसर है।

रॉयटर्स द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मास्टर कार्ड ने कहा कि वह भारत सरकार के कदम का पूर्ण समर्थन करती है और देश में काफी ज्यादा निवेश कर रही है। लेकिन कंपनी ने यूएसटीआर नोट पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं की। कंपनी के एक्सक्यूटिव सहारा इंग्लिश ने भी किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। यूएसटीआर ने भी किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी। साथ ही यह भी साफ नहीं हो पाया है कि यूएस एजेंसी ने मास्टर कार्ड की चिंता को लेकर नई दिल्ली के समक्ष वार्ता की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App