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AAP नेता ने शेयर किया ‘कारगिल शहीद की विधवा’ का फोटो, फर्जी निकलने पर हुई धुलाई

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने युद्ध स्मारक पर एक रोती हुई महिला की तस्वीर पोस्ट की थी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया था। तस्वीर तो सही है, लेकिन आप नेता की व्याख्या पूरी तरह गलत निकली। इसके बाद से उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई।

आप नेता संजय सिंह और पीएम नरेंद्र मोदी। (फोटोः पीटीआई)

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता संजय सिंह कारगिल शहीद की ‘विधवा’ की तस्वीर ट्वीट कर खुद ही विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने द्रास (जम्मू-कश्मीर) स्थित युद्ध स्मारक पर एक रोती हुई महिला की तस्वीर टि्वटर पर पोस्ट की थी। संजय सिंह ने लिखा था, ‘कारगिल शहीद की विधवा…जिनकी आंख की रोशनी चली गई…वॉर मेमोरियल पहुंचीं। लोगों ने उनके पति का नाम अंगुलियों से स्पर्श कराया तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। पाकिस्तान के साथ युद्ध अभ्यास करने का फैसला करने वाले नरेंद्र मोदी जी इनको क्या जवाब देंगे?’ संजय सिंह के इस ट्वीट को 550 बार रिट्वीट किया गया था। संजय सिंह ने 6 मई को तस्वीर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब भी मांगा था। सोशल साइटों पर फर्जी खबरों का पता लगाने वाली वेबसाइट ‘अल्ट न्यूज’ ने इसकी छानबीन की तो तस्वीर सही और व्याख्या फर्जी निकली। हकीकत में युद्ध स्मारक पर रोती हुई महिला की तस्वीर कारगिल युद्ध में शहीद जवान की विधवा की नहीं, बल्कि एक शहीद की बहन की है। यह फोटो 12 साल पहले वर्ष 2006 की है। इसके अलावा युद्ध स्मारक पर रोती हुई महिला दृष्टिहीन भी नहीं थीं, जैसा कि संजय सिंह ने अपने ट्वीट में दावा किया था।

AAP नेता की कड़ी आलोचना: संजय सिंह का ट्वीट सामने आते ही लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना शुरू कर दी। अशोक मिश्र ने ट्वीट किया, ‘बेशर्मी से फर्जी फोटो डालते हैं, फर्जी कहानी डालते हैं और जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश करते हैं। ये नहीं जानते हैं कि इस हाईटेक दौर में सब पकड़ में आ जाता है, लेकिन क्या करे इतना दिमाग हो तब न।’ आनंद कुमार ने लिखा, ‘कितने बेशर्म, झूठे और मक्कार होते हैं। आप जैसों पर तो चोरी की तस्वीर पर मनगढ़ंत कहानियां बनाकर अफवाह फैलाने के मुमदमे चलने चाहिए।’ रवीश रंजन ने ट्वीट किया, ‘कारगिल शहीद की बहन का क्यों मजाक बना रहे हैं?’ विपिन जैन ने लिखा, ‘मैं पब्लिक डोमेन में झूठ फैलाकर समरसता बिगाड़ने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने जा रहा हूं। वह विधवा नहीं हैं…वह दृष्टिहीन भी नहीं हैं। टिकट की कालाबाजारी करने वाले सच्चाई को नहीं समझ सकते हैं?’ रवि भूषण ने ट्वीट किया, ‘इतना बेशर्म है कि गलत किया और ट्वीट मिटा भी नहीं रहा है। बहन को पत्नी बना दिया। वर्ष 2006 की फोटो है। राजनीति से कीचड़ साफ करने आए थे, खुद कीचड़ बन गए।’

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