अमेरिकी कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के प्रसारण, डीपफेक वीडियो के प्रसारण और प्लेटफॉर्म संचालन में हुई गलतियों के लिए लिखित माफी माँगी है। यह जानकारी सरकार में पदस्त सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को दी है। सूत्रों के अनुसार मेटा ने यह भी माना है कि कुछ खास तरह के कंटेंट को मेटा प्लेटफॉर्म पर बूस्ट करने के लिए काफी बड़ी धनराशि लगायी गयी थी।
सूत्रों के अनुसार, “उन्हें (मेटा के अधिकारियों को) साफ तौर पर बताया गया था कि वे ‘इंटरमीडियरी’ (मध्यस्थ) की परिभाषा के दायरे में नहीं आते हैं। वे (कंपनी) खुद ही तय करते हैं कि कंटेंट किसे मिलेगा। ऐसे में आईटी एक्ट के तहत ‘सेफ हार्बर’ (सुरक्षा कवच) का नियम उन पर लागू नहीं होता।”
मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने यह भी माना कि उनकी कंपनी को कुछ खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए ढेर सारा पैसा दिया गया था। इस पर उन्होंने कंपनी की गलती मानी और माफी मांगी।
क्या है यह विवाद?
दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्श के दौरान जब पीएम नरेंद्र मोदी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए 28 जुलाई को एक वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया गया तो वह कुछ घण्टे के लिए डिलीट हो गया था। उस वीडियो को दुबारा बहाल किया गया मगर सरकार ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया। इसके अलावा एक मीडिया कंपनी ने अपनी खोजी रिपोर्ट में पाया था कि मेटा द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इस मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रोद्यौगिकी मंत्रालय ने मेटा से एक हफ्ते जवाब तलब किया था।
मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर ने अश्विनी वैष्णव से की मुलाकात
इसी दौरान मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने अपनी टीम के साथ बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। मंत्री के साथ उनकी मीटिंग करीबन 30 मिनट तक चली। इससे पहले बुधवार को ही मेटा के अधिकारियों ने MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन से भी मुलाकात की थी।
NCPCR ने मेटा को भेजा था नोटिस
इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने तीन जुलाई को मेटा को एक नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, यह नोटिस चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड अब्यूज मटीरियल (CSEAM) से जुड़े कथित विज्ञापन से जुड़ा था। NCPCR ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया था, इस रिपोर्ट में फेसबुक पर चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड अब्यूज मटीरियल से जुड़ा विज्ञापन चलाने की जानकारी दी गई थी। मेटा ने एक सप्ताह बाद बुधवार को अपना जवाब दिया है।
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मेटा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से वीडियो हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। संचार और आईटी मामले में संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और गृह मंत्रालय (MHA) को पत्र लिखकर अपनी मांग दोहराई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
