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मराठी लेखक ने मोदी के खिलाफ टिप्पणी पर पीएम को लिखी चिट्ठी, बयान वापस लेने या माफी मांगने से इनकार

श्रीपाल सबनीस ने एक कॉलेज में एक कार्यक्रम में कहा था, 'जिस मोदी की रहनुमाई में गुजरात में नरसंहार हुआ, उस मोदी को मैं नही मानता। पर मुझे उस मोदी से कोई दिक्‍कत नहीं है जो बुद्ध और गांधी की बात करते हैं।
Author मुंबई | January 13, 2016 18:58 pm
श्रीपाल सबनीस ने एक कॉलेज में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘जिस मोदी की रहनुमाई में गुजरात में नरसंहार हुआ, उस मोदी को मैं नही मानता। (फाइल फोटो)

मराठी लेखक श्रीपाल सबनीस ने कहा था- जिस मोदी की रहनुमाई में गुजरात में नरसंहार हुआ, उस मोदी को मैं नही मानता। भाजपा ने इसका विरोध किया था और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मराठी लेखक श्रीपाल सबनीस ने कहा है कि उन्‍हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्‍पणी के लिए अफसोस है और इस बारे में उन्‍होंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है। भाजपा ने श्रीपाल के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। पार्टी का कहना है कि वह 89वें अखिल भारतीय मराठी साहित्‍य सम्‍मेलन में श्रीपाल द्वारा दिए जाने वाले भाषण पर भी नजर रखेगी। यह सम्‍मेलन 15 जनवरी से पिंपरी-चिंचवाड़ में शुरू हो रहा है। श्रीपाल इसके अध्‍यक्ष हैं।

श्रीपाल सबनीस ने बुधवार को कहा, ‘मैंने पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। इसमें मैंने अपने बयान पर अफसोस जताया है। मेरे करीबी दोस्‍तों सहित कई लोगों ने मुझसे कहा कि मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ जो भाषा इस्‍तेमाल की, वह उचित नहीं है।’ हालांकि, उन्‍होंने यह भी साफ किया कि वह अपना बयान वापस नहीं लेंगे और न ही उन्‍होंने सार्वजनिक माफी मांगी है। वह बोले, ‘अगर कुछ लोगों को लगता है कि यह माफी है तो उनके लिए यही सही। पर यह माफी नहीं है।’ उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि उनके खत लिख देने के बाद विवाद खत्‍म हो जाना चाहिए और साहित्‍य सम्‍मेलन सही माहौल में संपन्‍न होना चाहिए।

श्रीपाल सबनीस ने एक कॉलेज में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘जिस मोदी की रहनुमाई में गुजरात में नरसंहार हुआ, उस मोदी को मैं नही मानता। पर मुझे उस मोदी से कोई दिक्‍कत नहीं है जो बुद्ध और गांधी की बात करते हैं और जान पर खतरा होने के बावजूद शांति बहाली के लिए पाकिस्‍तान जाते हैं।’

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  1. N
    Nagendra
    Jan 13, 2016 at 2:46 pm
    सबके सब खबरों में रहने को बेचैन हैं.
    (1)(0)
    Reply
    1. अशोक जैन
      Jan 13, 2016 at 3:06 pm
      बयान वापिस और माफी न मांगना ी कदम है ।पर हिंसा से सम्हालने की जरूरत है ।
      (0)(1)
      Reply
      1. NIRAJ SINGH
        Jan 13, 2016 at 4:31 pm
        अपने आप को विद्वान् समझाने वाल आज खबर में बने रहने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं
        (1)(0)
        Reply