टॉप माओवादी तिप्पिरी तिरुपति उर्फ ​​देवजी ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। ऐसा करने वाला वह सबसे उच्च पदस्थ माओवादी नेता है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि शीर्ष माओवादी मल्ला राजी रेड्डी समेत सीपीआई (माओवादी) के कई सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया। माओवादी कमांडर देवजी के आत्मसमर्पण के पीछे जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हुई वह इंटेलिजेंस ऑफिसर बी सुमति का है।

बी सुमति, तेलंगाना की विशेष खुफिया शाखा (SIB) की प्रमुख हैं और उस समय मौजूद थीं जब थिप्पिरी तिरुपति उर्फ ​​देवजी ने आधिकारिक तौर पर तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। मंच पर मौजूद तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने व्यक्तिगत रूप से सुमति को धन्यवाद दिया और उन्हें और उनकी एसआईबी को इस हाई-प्रोफाइल आत्मसमर्पण को संभव बनाने के लिए बधाई दी।

टॉप माओवादी ​​देवजी का आत्मसमर्पण

सुमति को जानने वाले लोग उनकी उपलब्धि से आश्चर्यचकित नहीं हैं। एक सहकर्मी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “2004 में, उन्होंने इतने दबाव में भी अपने संयम से सबको प्रभावित किया था। उस समय बातचीत का सारा भार राज्य सरकार और उसके पुलिस विभाग पर था। मंगलवार को जब तेलंगाना ने देवजी को आत्मसमर्पण कराने की अपनी बड़ी उपलब्धि का प्रदर्शन किया तो सुमति से ज्यादा मंच पर मौजूद रहने का हकदार कोई नहीं था, उनकी रणनीति के बिना यह असंभव होता।” सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने आत्मसमर्पण सुनिश्चित किया, साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि यह राज्य की शर्तों पर होगा न कि माओवादियों की शर्तों पर।

बी सुमति आंध्र प्रदेश की पहली महिला डीएसपी थीं

दो दशक से भी पहले, जब माओवादी नेता तत्कालीन एकीकृत आंध्र प्रदेश सरकार के साथ शांति वार्ता करने के लिए जंगल से बाहर निकले तो पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) रैंक की एक युवा महिला पुलिस अधिकारी ने अपनी अलग पहचान बनाई थी। 2001 में राज्य सेवा से स्नातक हुईं और 2010 में आईपीएस में शामिल होकर अधिकारी बनीं सुमति आंध्र प्रदेश की पहली महिला डीएसपी थीं। उस समय महज 25 वर्ष की सुमति तब भी मौजूद थीं जब माओवादी आंदोलन के शीर्ष नेतृत्व ने 2004 में शांति वार्ता शुरू करने की दिशा में पहला कदम उठाया था।

2004 में सुमति आंध्र प्रदेश की पहली महिला डीएसपी थीं। 2024 में जब उन्हें एसआईबी आईजी नियुक्त किया गया तो वह माओवादी विद्रोह से निपटने के विशिष्ट उद्देश्य से स्थापित बल में इस पद को संभालने वाली पहली महिला थीं। कई अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, देवजी के आत्मसमर्पण ने सुमति को सुर्खियों में ला दिया है, वहीं एसआईबी प्रमुख के रूप में सुमति ने 591 माओवादी आत्मसमर्पण की देखरेख की है।

ऑफिसर सुमति का तबादला वारंगल से हैदराबाद होने पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया

सुमति के करीबी एक सूत्र ने उनकी दृढ़ता की सराहना करते हुए कहा कि 2004 की शांति वार्ता के समय वह गर्भवती थीं। वार्ता समाप्त होने के बाद ही उन्होंने मातृत्व अवकाश लिया। उन्हें जानने वाले एक अधिकारी ने बताया कि वारंगल में डीएसपी के रूप में बिताए समय के दौरान सुमति को एक दयालु और जनहितैषी पुलिस अधिकारी के रूप में याद किया जाता है। जब उनका तबादला वारंगल से हैदराबाद हुआ तो लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और धरने दिए।

हैदराबाद में उन्होंने सीआईडी, साइबर क्राइम विभाग में एसपी के रूप में कार्यभार संभाला और काउंटर-इंटेलिजेंस में भी काम किया। एक सूत्र ने बताया, “इस दौरान उन्होंने आतंकी संदिग्धों से पूछताछ करने के लिए दिल्ली सहित पूरे देश की यात्रा की।” इसी दौरान हैदराबाद में दो बम धमाके हुए थे। उन्होंने पूछताछ का नेतृत्व किया और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम), स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (एसआईएमआई) और बाद में इस्लामिक स्टेट के कथित सदस्यों से पूछताछ की।

माओवादियों के पुनर्वास की पक्षधर हैं सुमति

सूत्रों के अनुसार, कौशल के इस संयोजन ने माओवादियों के खिलाफ लड़ाई में उनकी मदद की है। एक खुफिया सूत्र ने बताया, “इंटेलिजेंस और एंटी-इंटेलिजेंस क्षेत्र में अपने काम और तेलंगाना की महिला पुलिस बल ‘शी टीम्स’ की प्रमुख के रूप में सुमति ने हर तरह की परिस्थितियों का अनुभव किया है। इससे उन्हें माओवादियों के साथ उनके दृष्टिकोण के स्तर पर जुड़ने में मदद मिलती है।” एक अन्य सूत्र ने बताया कि सुमति का मानना ​​है कि स्थायी शांति तभी संभव है जब माओवादियों का पुनर्वास किया जाए। उन्हें मारना केवल उन्हें “शहीद” बनाना होगा।

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शीर्ष माओवादी तिप्पिरी तिरुपति उर्फ ​​देवजी ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि शीर्ष माओवादी मल्ला राजी रेड्डी समेत सीपीआई (माओवादी) के कई सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया। अधिकारी ने बताया कि इन माओवादियों का आत्मसमर्पण केंद्र सरकार द्वारा देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए निर्धारित मार्च 2026 की समय सीमा से कुछ दिन पहले हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें