maoist attack on kfc restaurant & forest department offices in kerala - Jansatta
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केरल: वन विभाग के कार्यालयों, केएफसी रेस्त्रां पर माओवादी हमला

केरल के पलक्कड़ और वायनाड जिलों में संदिग्ध माओवादियों ने केंटुकी फ्राइड चिकन (केएफसी) की एक दुकान और वन विभाग के दो कार्यालयों पर आज हमला किया। दो सप्ताह पहले ही वायनाड में माओवादियों और पुलिस के बीच गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि आज तड़के हुए हमलों में हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। […]

Author December 22, 2014 4:35 PM
जंगल में चहलकदमी करते नक्सली। (प्रतीकात्मक चित्र)

केरल के पलक्कड़ और वायनाड जिलों में संदिग्ध माओवादियों ने केंटुकी फ्राइड चिकन (केएफसी) की एक दुकान और वन विभाग के दो कार्यालयों पर आज हमला किया। दो सप्ताह पहले ही वायनाड में माओवादियों और पुलिस के बीच गोलीबारी हुई थी।

पुलिस ने बताया कि आज तड़के हुए हमलों में हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि हमले वाले स्थान से पुलिस को इश्तहार और समूह के पोस्टर भी मिले जिनमें सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया गया है।

पुलिस ने बताया कि पलक्कड़ जिले में साइलेंट वैली वन क्षेत्र कार्यालय पर हमले के सिलसिले में दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पलक्कड़ के अट्टापडी क्षेत्र में कुक्कोला स्थित साइलेंट वैली वन क्षेत्र कार्यालय पर हमला हुआ, जिसमें हुए हमले में फर्नीचर और कम्प्यूटरों को नुकसान पहुंचा हैं। उन्होंने बताया कि समूह ने कार्यालय के बाहर खड़ी वन विभाग की एक जीप में भी आग लगा दी। हमले में इमारत की खिड़की के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए।

पलक्कड़ के चंद्रनगर स्थित केएफसी के रेस्त्रां पर भी कुछ लोगों के समूह ने हमला किया। पुलिस ने बताया कि केएफसी की इमारत से अमेरिका विरोधी नारों वाले पोस्टर भी मिले। एक अन्य मामले में वायनाड जिले के वेल्लामुंडा वन क्षेत्र के कुन्होम में ‘‘वन समरक्षण समिति’’ के कार्यालय में भी संदिग्ध माओवादियों ने तोड़ फोड़ की।

वायनाड के कलेक्टर केशवेंद्र कुमार ने पीटीआई भाषा को बताया कि हमलावरों की कार्यप्रणाली से यह पता चला कि हमला माओवादियों ने किया। उन्होंने बताया, ‘‘पोस्टरों में लिखे शब्द और उनकी कार्यप्रणाली से हमले के पीछे माओवादियों का हाथ होने का संकेत मिलता है।’’

उन्होंने बताया कि ताजा मामले को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए अभियान जारी है और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

इससे पहले सात दिसंबर को वायनाड जिले के वेल्लामुंडा में माओवादियों और पुलिस के बीच गोलीबारी हुई थी। 1960 के दशक के आखिर में और 1970 के दशक के आरंभ में वायनाड नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था और यहां पुलिस के साथ मुठभेड़ की कई घटनाएं हुई थीं।

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