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रक्षा मंत्रालय अपने बयान पर कायम, डीआईजी के ख़िलाफ़ कार्रवाई के संकेत

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि उनका मंत्रालय इस बयान पर कायम है कि घुसपैठिया पाकिस्तानी नौका ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर पोरबंदर तट के समीप खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने तटरक्षक बल के उस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं […]

Author February 18, 2015 5:33 PM
रक्षा मंत्री मनोगर पर्रिकर ने यह भी कहा कि वह घटना के संबंध में ‘‘सबूत पेश कर सकते हैं।’’ (फ़ोटो-एपी)

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि उनका मंत्रालय इस बयान पर कायम है कि घुसपैठिया पाकिस्तानी नौका ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर पोरबंदर तट के समीप खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने तटरक्षक बल के उस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं जिन्होंने दावा किया था कि नौका को तटरक्षक बल ने डुबोया था।

रक्षा मंत्री ने तटरक्षक बल द्वारा चुनौती दिए जाने पर पाकिस्तानी नौका पर सवार चालक दल के सदस्यों द्वारा नौका में आग लगाए जाने के मंत्रालय की ओर से दिए गए और अपने बयान पर कायम रहते हुए यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय ने बेहद स्पष्ट बयान दिया था। हम उस पर कायम हैं।’’

पर्रिकर ने इसके साथ ही संकेत दिया कि यदि बल के डीआईजी बी के लोशाली ने मंत्रालय के नजरिए से अलग विरोधाभासी बयान दिया है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कल कोई बयान देता है जो गलत है तो आप उसके खिलाफ अधिक से अधिक अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला बना सकते हैं। अधिक से अधिक यदि आप यह साबित कर देते हैं कि उसने बयान दिया है, आप उसके खिलाफ कार्रवाई करने का मामला बना सकते हैं। इससे जमीनी सच्चाई नहीं बदल जाती।’’

मंत्री से लोशाली के इस बयान के बारे में पूछा गया था जिसमें उन्होंने कहा है कि यह तटरक्षक बल था जिसने 31 दिसंबर 2014 की रात को पाकिस्तानी नौका को उड़ाया था। लोशाली के बयान पर सवालों के जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि यदि डीआईजी ने टिप्पणियां की हैं तो वह कार्रवाई करेंगे लेकिन केवल मामले की जांच के बाद ही। उन्होंने कहा कि वह तथ्यों का पता लगाने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग की कॉपी मंगवाएंगे।

बताया जाता है कि लोशाली ने कल कहा, ‘‘मैं आपको बता दूं, उम्मीद करता हूं कि आपको 31 दिसंबर की रात याद होगी। …हमने पाकिस्तान को उड़ा दिया… हमने उन्हें उड़ा दिया… मैं वहां गांधीनगर में था और मैंने रात में कहा, बोट को उड़ा दो। हम उन्हें बिरयानी नहीं पेश करना चाहते।’’

उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ लोशानी ने हालांकि आज अपने कथित बयान से पीछे हटते हुए कहा कि उनकी बात को गलत तरीक से तोड़मरोड़कर पेश किया गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि वह घटना के संबंध में ‘‘सबूत पेश कर सकते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह सबूत को सार्वजनिक करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैं कर सकता हूं।’’

अभी तक रक्षा मंत्रालय और तटरक्षक यह कहता आया है कि यह पाकिस्तानी नौका का चालक दल था जिसने नौका में आग लगायी या वे उस विस्फोट के लिए जिम्मेदार थे जिसने पोरबंदर के तट से 365 किलोमीटर दूर नौका को नष्ट कर दिया।

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