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ललित मोदी के खिलाफ कार्रवाई से बचना चाहती थी: पर्रिकर

पर्रिकर ने कहा, ‘‘सुषमा स्वराज के इस्तीफे को लेकर हंगामा करना तो बस एक बहाना था। संसद को बाधित करने के पीछे कांग्रेस का मुख्य गेमप्लान जीएसटी को रोकना और इस तरह देश की आर्थिक वृद्घि को रोकना था।’

Author August 14, 2015 8:00 PM

केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर ललित मोदी के खिलाफ कडी कार्रवाई करने से बचने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि यदि कांग्रेसनीत सरकार आईपीएल के पूर्व प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में सचमुच गंभीर होती तो वह उनके खिलाफ मनी लांड्रिग कानून के तहत मुकदमा दर्ज करती।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में पर्रिकर ने कहा, ‘‘ललित मोदी के खिलाफ फेमा के तहत मुकदमा दर्ज करके, संप्रग सरकार उनके और उनके साथ मिलीभगत में शामिल कई अन्यों के खिलाफ कडी कार्रवाई करने से साफ तौर से बच रही थी। ललित मोदी के खिलाफ वर्ष 2010 में फेमा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और कांग्रेस 2014 तक सत्ता में थी। इतने सालों तक आईपीएल प्रमुख के खिलाफ कडी कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। अगर संप्रग उनके खिलाफ कार्रवाई करने में इतनी गंभीर थी तो वह उनके खिलाफ फेमा के तहत नहीं बल्कि मनी लांड्रिग कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई शुरू करती।’
उन्होंने कहा कि फेमा के तहज अपराधी को भगोडा घोषित नहीं किया जा सकता और न ही वारंट जारी किया जा सकता है।
पर्रिकर महीने भर चले संसद के मानसून सत्र को कांग्रेस द्वारा धोये जाने के बाद उनका पर्दाफाश करने के लिये पार्टी के कार्यक्रम के तहत यहां एक दिनी दौरे पर आये थे।
उन्होंने दावा किया, ‘ललित मोदी के खिलाफ असली कार्रवाई नरेंद्र मोदी सरकार ने की है और कहा कि आईपीएल के पूर्व प्रमुख के खिलाफ गत 26 जुलाई को वारंट जारी किया गया है।’
संसद के पूरे सत्र को धोने के लिये कांग्रेस को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कार्यवाही को बाधित करने का मुख्य उद्देश्य जीएसटी विधेयक को रोकना था। उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार मिल जाती।

पर्रिकर ने कहा, ‘‘सुषमा स्वराज के इस्तीफे को लेकर हंगामा करना तो बस एक बहाना था। संसद को बाधित करने के पीछे कांग्रेस का मुख्य गेमप्लान जीएसटी को रोकना और इस तरह देश की आर्थिक वृद्घि को रोकना था।’
उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी जैसे यूनिफार्म टेक्सेशन प्रणाली से कालेधन के पैदा होने पर रूकता और देश की अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार मिलती लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं चाहती थी क्योंकि यह आर्थिक और रक्षा मोर्चे पर बढ़िया प्रदर्शन कर रही नरेंद्र मोदी सरकार के नाम एक और उपलब्धि जुड जाती। निर्णय लिये जा रहे हैं और चीजें चल रही हैं।’
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश से जा रहे सकारात्मक संकेतों को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है और वह अब तक 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली हार को भी नहीं भुला पायी है।
मंत्री ने कहा कि बिना सत्ता के कांग्रेस की हालत उस बच्चे की तरह हो गयी है जिसका पसंदीदा खिलौना छीन लिया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या संसद के मानसून सत्र के धुल जाने में 44 सांसदों के सामने 440 सांसदों की बेबसी नहीं दिखती, पर्रिकर ने कहा कि ऐसा नहीं है और जिन लोगों ने संसद को नहीं चलने दिया, उससे वे खुद ही बेनकाब हो गये।

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