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सड़क सुरक्षा पर मोदी ने कही ‘मन की बात’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी पर अपने साप्ताहिक कार्यक्रन 'मन की बात' में सड़क सुरक्षा, दुर्घटना पर खासा जोर दिया..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश में सड़क दुर्घटना की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द ही सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा नीति, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना व सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के इलाज के लिए चुनिंदा शहरों व राजमार्गों पर नकदरहित इलाज की व्यवस्था लागू करेगी। हालांकि उन्होंने संसद में जारी गतिरोध या राजनीति से जुड़े किसी विषय पर कुछ नहीं कहा।

आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने 15 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने विभिन्न सामाजिक मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले दिल्ली की एक दुर्घटना के दृश्य पर मेरी नजर पड़ी। और दुर्घटना के बाद वह स्कूटर चालक दस मिनट तक तड़पता रहा। उसे कोई मदद नहीं मिली। वैसे भी मैंने देखा है कि मुझे कई लोग लगातार इस बात पर लिखते रहते हैं कि मैं सड़क सुरक्षा पर कुछ बोलूं। लोगों को सचेत करूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए कई पहल की है। हम सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक लाने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा नीति और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना को लागू करने की दिशा में भी हम कई अहम कदम उठाने के लिए सोच रहे हैं। एक और परियोजना हमने ली है, आगे चलकर इसका विस्तार भी होने वाला है, नकदरहित उपचार – गुड़गांव, जयपुर और वडोदरा, वहां से लेकर मुंबई, रांची, रणगांव, मौंडिया राजमार्गों के लिए, हम एक नकदरहित इलाज व्यवस्था पेश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने उसका अर्थ भी बताया कि पहले पैसे हैं कि नहीं, पैसे कौन देगा, कौन नहीं देगा, ये सारी चिंता छोड़कर-एक बार सड़क दुर्घटना में जो घायल है, उसे उत्तम से उत्तम सेवा कैसे मिले, उसे हम प्राथमिकता दे रहे हैं। देशभर में हादसों के संबंध में जानकारी देने के लिए टोल-फ्री 1033 नंबर, एंबुलेंस की व्यवस्था, ये सारी बातें। लेकिन ये सारी चीजें दुर्घटना के बाद की हैं। दुर्घटना न हो इसके लिए उपाय करना होगा । सचमुच में, एक-एक जान बहुत प्यारी होती है, एक-एक जीवन बहुत प्यारा होता है, उस रूप में उसे देखने की आवश्यकता है।

मोदी ने कहा कि हमारे देश में हर मिनट एक दुर्घटना होती है। दुर्घटना के कारण, सड़क दुर्घटना के कारण, हर चार मिनट में एक मृत्यु होती है। और सबसे बड़ी चिंता का विषय यह भी है कि करीब-करीब एक तिहाई मरने वालों में 15 से 25 साल की उम्र के नौजवान होते हैं और एक मृत्यु पूरे परिवार को हिला देती है। शासन को तो जो काम करने चाहिए वो करने ही चाहिए, लेकिन मैं मां-बाप से गुजारिश करता हूं, अपने बच्चों को चाहे दो पहिया चलाते हों या चार पहिया चलाते हों, सेफ्टी की जितनी बातें है, उस पर जरूर ध्यान देने का माहौल परिवार में भी बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वे कोई उपदेश नहीं देना चाहते हैं और न ही राज्य सरकार, केंद्र सरकार या स्थानीय स्वराज की संस्थाओं की इकाइयों की जिम्मेदारियों से बचने का रास्ता खोज रहे हैं। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने बंगलुरु के अक्षय, पुणे के अमेय जोशी, कर्नाटक के प्रसन्ना काकुंजे के सुझावों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत देश के सभी गांव को 24 घंटे बिजली देना तय करने का वादा किया। प्रधानमंत्री ने शनिवार को पटना से इस योजना को पेश किया था।

बिजली को प्रगति और हर व्यक्ति के लिए जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कठिन कार्य है लेकिन हमें यह काम शुरू करना है। भारत बड़ा देश है और गांव दूर-दूर हैं लेकिन हम यह करेंगे। इसरो के ब्रिटेन के पांच उपग्रहों को प्रक्षेपित करने का जिक्र करते हुए मोदी ने हालांकि विज्ञान व प्रौद्योगिकी के विषयों में युवाआें की घटती रुचि पर खेद प्रकट किया। प्रधानमंत्री ने कानपुर के एक व्यक्ति के सुझाव का जिक्र किया। जिसमें उन्होंने अशक्तज लोगों के टिकट बुकिंग के लिए आइआरसीटीसी के पोर्टल पर सुविधा प्रदान किए जाने का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि इस सुझाव को गंभीरता से लिया गया और अब इसे लागू कर दिया गया है।

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