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पूर्व पीएम बोले- जुमलों से नहीं, 14% कृषि विकास दर से होगी किसानों की आय दोगुनी

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और ‘‘आत्मप्रशंसा और जुमलों’ की संस्कृति को खारिज किया।

Author नई दिल्ली | Updated: July 23, 2018 1:05 PM
CWC की बैठक के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और ‘‘आत्मप्रशंसा और जुमलों’ की संस्कृति को खारिज किया। (फोटो-ट्वीटर)

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और ‘‘आत्मप्रशंसा और जुमलों’ की संस्कृति को खारिज किया। नवगठित कांग्रेस कार्य समिति की पहली बैठक में सिंह ने यह भी कहा कि देश में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के दावों के लिए 14 फीसदी कृषि विकास दर की आवश्यकता होगी, जो कहीं नहीं दिखाई दे रही है कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक सिंह ने देश में मौजूदा समय में निरंतर चल रही ‘‘आत्मप्रशंसा और जुमलों’’ की संस्कृति को खारिज किया सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भरोसा दिलाया कि वह और दूसरे सभी कांग्रेसजन भारत के सामाजिक सद्भाव और आर्थिक विकास को बहाल करने के मुश्किल भरे काम को पूरा करने में उनके साथ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राहुल जी को विश्वास दिलाता हूं कि हम सामाजिक सद्भाव और आर्थिक विकास को बहाल करने के मुश्किल भरे काम को पूरा करने में उनका पूरा सहयोग करेंगे।’’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के नेतृत्व में आज नवगठित कांग्रेस कार्यसमिति की पहली बैठक हुई।

वहीं  संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषण-शैली से उनकी मायूसी जाहिर होती है जो इस बात का सूचक है कि मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सोनिया गांधी नई कांग्रेस कार्यकारिणी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में शामिल हुईं और इसी दौरान उन्होंने यह बात कही। उन्होंने देश के गरीबों में भरी निराशा और आशंका के प्रति आगाह भी किया। सीडब्ल्यूसी पार्टी की सर्वोच्च निर्णायक संस्था है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट के जरिए कहा, “सोनिया गांधी ने भारत के वंचितों और गरीबों की बढ़ती निराशा और आशंका के प्रति आगाह किया। उन्होंने मोदी की भाषण-शैली का जिक्र किया, जिसमें उनकी मायूसी झलकती है और इससे जाहिर होता है कि मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।”

बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री की निरंतर आत्म-प्रशंसा और जुमलेबाजी की संस्कृति को खारिज किया। मनमोहन सिंह ने कहा, “यह विकास के लिए जरूरी ठोस नीति के विरुद्ध है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के दावे को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में 14 फीसदी संवृद्धि दर की दरकार है, जो कहीं दिखती नहीं है। सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह नई कांग्रेस कार्यकारिणी समिति में वरिष्ठ सदस्य हैं। यही समिति इस साल होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावाओं के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की कोर टीम का गठन करेगी।

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कृषि कानून विवाद
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