ताज़ा खबर
 

गुजरात में बोले मनमोहन सिंह: कानूनी डकैती थी नोटबंदी, भारत के बजाय चीन को हुआ फायदा

सिंह ने नोटबंदी को बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया और कहा कि इसके किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह।(File Photo)

गुजरात में मंगलवार को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी, जीएसटी और बुलैट ट्रेन को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सिंह ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी दोनों ही हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक कदम हैं। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से हमारे छोटे निवेशकों की कमर टूट गई है। अहमदाबाद में व्यापारियों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘कल हम उस विनाशकारी पॉलिसी की पहली वर्षगांठ मनाएंगे, जो हमारे देश के लोगों पर थोप दी गई थी।’ पूर्व पीएम ने भारतीय अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र के लिए 8 नवंबर को ‘काला दिवस’ करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने जो संसद में कहा था, उसे मैं दोहराना चाहता हूं। यह एक सुनियोजित लूट और कानून डकैती थी।’ सिंह ने नोटबंदी को बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया और कहा कि इसके किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत अनुपालन की शर्तें छोटे व्यवसायों के लिए दु:स्वप्न बन गई हैं।

सिंह ने इसके अलावा कहा कि नोटबंदी की वजह से भारतीयों ने चीन से ज्यादा आयात किया है। उन्होंने बताया कि 2016-17 की पहली तिमाही में भारत ने 1.96 लाख करोड़ रुपए का आयात किया था, जो कि 2017-18 में 2.41 लाख करोड़ रुपए हो गया। उन्होंने आयात में अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे की वजह जीएसटी और नोटबंदी को बताया, जो कि एक साल में 23 फीसदी बढ़ा है। इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार के बुलैट ट्रेन प्रोजेक्ट की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘बड़ी धूमधाम से शुरु की गई बुलेट ट्रेन परियोजना अहंकार की कवायद है। क्या प्रधानमंत्री नें ब्रॉड गेज रेलवे को अपग्रेड करके हाईस्पीड ट्रेन के विकल्पों के बारे में सोचा है?’

बता दें, बुधवार (8नवंबर) को नोटबंदी को एक साल पूरा हो जाएगा। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम का विपक्षी दलों ने काफी विरोध किया था। मनमोहन सिंह ने उस वक्त भी कहा था कि यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक होगा।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App