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प्रणब मुखर्जी पर भड़के कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूछा- बताइए क्यों गए थे संघ मुख्यालय

मनीष तिवारी ने ट्वीट कर पूछा है कि ''प्रणब मुखर्जी मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं, जिसका जवाब मुझे अभी तक नहीं मिला है जो कि देश के लाखों धर्मनिरपेक्ष और बहुलवादी लोगों को परेशान करने वाला है. आपने संघ के मुख्यालय जाने और वहां राष्ट्रवाद पर उपदेश देने का फैसला क्यों किया?'

Author June 8, 2018 1:11 PM
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तोड़वा दी आरएसएस की पुरानी परंपरा। (image source-PTI)

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में जाने को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। अब कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने प्रणब दा के संघ के कार्यक्रम में जाने को लेकर सवाल उठाया है। मनीष तिवारी ने ट्वीट कर पूछा है कि ”प्रणब मुखर्जी मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं, जिसका जवाब मुझे अभी तक नहीं मिला है जो कि देश के लाखों धर्मनिरपेक्ष और बहुलवादी लोगों को परेशान करने वाला है. आपने संघ के मुख्यालय जाने और वहां राष्ट्रवाद पर उपदेश देने का फैसला क्यों किया?’ हालांकि पूर्व राष्ट्रपति के फैसले पर पार्टी प्रवक्ता द्वारा मनीष तिवारी द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद पार्टी की एक और नेता रेणुका चौधरी ने मनीष तिवारी के बयान से पार्टी को अलग करते हुए प्रतिक्रिया दी है कि यह मनीष तिवारी का निजी बयान है।

इससे पहले आरएसएस के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी के शिरकत करने से पहले उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी और कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी सवाल उठाया था। लेकिन इन सभी को दरकिनार कर पूर्व राष्ट्रपति ने गुरुवार (7 जून) को नागपुर में ‘संघ शिक्षा वर्ग’ कार्यक्रम मे शिरकत की।

प्रणब मुखर्जी ने नागपुर में आरएसएस संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि भी दी और विजिटर बुक में लिखा कि हेडगेवार भारत माता के सच्चे सपूत थे। राष्ट्रपति ने यहां अपने भाषण में कहा कि हमारा राष्ट्रवाद सार्वभौमवाद, सह अस्तित्व और सम्मिलन से उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रवाद में विभिन्न विचारों का सम्मिलन हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रणब दा ने अपने भाषण में कहा कि हमारा राष्ट्रवाद वसुधैव कुटुम्बकम् तथा सर्वे भवन्तु सुखिन: जैसे विचारों पर आधारित है।

इस कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम की एक तस्वीर को लेकर भी विवाद पैदा हो गया था। दरअसल एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें प्रणब मुखर्जी आरएसएस के प्रार्थना के वक्त सीने पर हाथ रखे और काली टोपी में नजर आ रहे थे। हालांकि यह तस्वीर मॉर्फेड थी। हक़ीक़त यह है कि आरएसएस की प्रार्थना के वक्त पूर्व राष्ट्रपति सावधान की मुद्रा में खड़े थे और उनके सिर पर कोई टोपी नहीं थी। इस तस्वीर को प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि देखिए, इसी बात का मुझे डर था और अपने पिता को इस बारे में मैंने आगाह भी किया था। अभी कुछ घंटे भी नहीं बीते हैं, लेकिन बीजेपी/आरएसएस का डर्टी ट्रिक डिपार्टमेंट पूरी तरह से काम में जुट गया है।

 

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